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210बी की दुकानें तोड़ने को बना एक्शन प्लान
Updated Sun, 01 Apr 2018 02:36 AM IST
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मेरठ। बंगला नंबर 210 बी आरआर मॉल की दुकानों को तोड़ने के लिए चार अप्रैल का एक्शन प्लान बना है। इस दौरान पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पूरा इलाका सील किया जाएगा। सेना की क्यूआरटी भी मौके पर रहेगी। पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि कानून व्यवस्था किसी भी सूरत में नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके चलते पूरा अभियान नहीं चल पाया था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थीं। जनवरी माह में आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने अपना सामान रख लिया था। तत्कालीन सीईओ ने व्यापारियों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। इस मामले में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने मुख्य सचिव और डीएम-एसएसपी को तलब किया था। इसके बाद कैंट बोर्ड व्यापारियों के विरोध के चलते ध्वस्तीकरण नहीं कर पाया था।
बोर्ड अपनी तैयारी रखे
हाल में इस मामले में हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसके बाद सीईओ आलोक गुप्ता ने डीएम, एसएसपी से मुलाकात की थी। शनिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम सिटी मुकेश चंद, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एएसपी सतपाल सिंह, एसीएम, सीएफओ, सीओ ट्रैफिक, इंस्पेक्टर सदर समेत कैंट बोर्ड के अफसर मौजूद रहे। जिसमें एक्शन प्लान तय होने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि कैंट बोर्ड अपनी तैयारी रखे। मौके पर कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
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हाईकोर्ट का आदेश हमारे खिलाफ नहीं
व्यापारियों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारी राजीव बंसल का कहना है कि केवी शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने बंगला नंबर 210बी में अवैध निर्माण रोकने के आदेश दिए थे। राजीव बंसल का कहना है कि ऐसे में वो आदेश उनकी दुकानें के संबंध में नहीं है। उन्होंने इसको लेकर शनिवार को रक्षा मंत्रालय, कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, सब एरिया कमांडर और सीईओ को पत्र लिखा है। व्यापारियों का कहना है कि कैंट बोर्ड उनके साथ गलत कर रहा है। वे दुकानें तोड़ने नहीं देंगे।
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कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके चलते पूरा अभियान नहीं चल पाया था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थीं। जनवरी माह में आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने अपना सामान रख लिया था। तत्कालीन सीईओ ने व्यापारियों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। इस मामले में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने मुख्य सचिव और डीएम-एसएसपी को तलब किया था। इसके बाद कैंट बोर्ड व्यापारियों के विरोध के चलते ध्वस्तीकरण नहीं कर पाया था।
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बोर्ड अपनी तैयारी रखे
हाल में इस मामले में हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसके बाद सीईओ आलोक गुप्ता ने डीएम, एसएसपी से मुलाकात की थी। शनिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम सिटी मुकेश चंद, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एएसपी सतपाल सिंह, एसीएम, सीएफओ, सीओ ट्रैफिक, इंस्पेक्टर सदर समेत कैंट बोर्ड के अफसर मौजूद रहे। जिसमें एक्शन प्लान तय होने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि कैंट बोर्ड अपनी तैयारी रखे। मौके पर कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
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हाईकोर्ट का आदेश हमारे खिलाफ नहीं
व्यापारियों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारी राजीव बंसल का कहना है कि केवी शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने बंगला नंबर 210बी में अवैध निर्माण रोकने के आदेश दिए थे। राजीव बंसल का कहना है कि ऐसे में वो आदेश उनकी दुकानें के संबंध में नहीं है। उन्होंने इसको लेकर शनिवार को रक्षा मंत्रालय, कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, सब एरिया कमांडर और सीईओ को पत्र लिखा है। व्यापारियों का कहना है कि कैंट बोर्ड उनके साथ गलत कर रहा है। वे दुकानें तोड़ने नहीं देंगे।