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आदित्य के अंतिम संस्कार में बिलख पड़े छात्र-छात्रा

Sun, 24 Dec 2017 01:53 AM IST
Updated Sun, 24 Dec 2017 01:53 AM IST
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आदित्य के अंतिम संस्कार में बिलख पड़े छात्र-छात्रा
पिता नहीं देख पाए आदित्य को, हुआ अंतिम संस्कार
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मेरठ। एक परिवार के लिए इससे बुरा और क्या हो सकता है कि घर के इकलौते बेटे का शव न तो पिता देख सके और न ही बहन। मां घर से बेटे का शव लेने मेरठ के लिए ट्रेन से चली तो गिरकर मौत हो गई। बिहार निवासी आदित्य के शव का शनिवार शाम सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार किया गया।
आदित्य कुमार (21) पुत्र अनिल कुमार झा निवासी शांतिनगर वार्ड-32 सदरसा, बिहार और गौरव शर्मा (20) पुत्र संजय शर्मा निवासी बरसड़ मेहर जिला हमीरपुर, हिमाचल मवाना रोड स्थित जेपी कॉलेज में बीटेक कर रहे थे। बृहस्पतिवार रात दोनों छात्रों की हादसे में मौत हो गई थी। गौरव के शव को परिजन शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम के बाद ले गये थे। लेकिन आदित्य के परिजन और रिश्तेदार रात में मेरठ पहुंचे थे। शनिवार को आदित्य के शव का पोस्टमार्टम हुआ। आदित्य के गांव के लोगों के अलावा दिल्ली से रिश्तेदार ही पहुंचे। छात्र के मामा रोहित ने सूरजकुंड पर आदित्य के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान कॉलेज से शिक्षक और छात्र भी पहुंचे थे।
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मां भी चली गई दुनिया से
आदित्य अपने परिवार का इकलौता था, उसके पिता अधिवक्ता हैं। छात्र की मां शकुंतला शुक्रवार को अन्य परिजनों और रिश्तेदारों के साथ बेटे का शव लेने बिहार से ट्रेन से चली थी। ट्रेन से गिरने से शकुंतला की मौत हो गई। जिसके बाद महिला के शव को लेकर अन्य रिश्तेदार वहीं रह गये। शुक्रवार रात में 11 बजे बिहार में ही महिला के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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गले लगकर रो पड़े सहपाठी
सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार के दौरान सहपाठी गले लगकर रो पड़े। छात्र सचिन ने बिलखते हुए कहा कि आदित्य और गौरव ऐसे चले जायेंगे, यह सोचा भी नहीं था। जरूरी नहीं कि वह घटना वाली रात किसी पार्टी में गए हो। हो सकता है वे किसी परेशानी में हो, क्योंकि वे चप्पल पहनकर ही गए थे। वहीं सूरजकुंड पर रिश्ते की एक बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

जब कुछ बचा ही नहीं तो यही सोचा
आदित्य के रिश्तेदार एके झा ने बताया कि जो ऊपर वाले को मंजूर था वह हो गया। आदित्य का शव न तो परिजनों को देखने को मिला और न ही गांव पहुंचा। आदित्य की मां की भी मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत और चंद घंटे बाद पत्नी को खोने वाले अनिल कुमार झा की भी हालत ठीक नहीं है। ऐसे में रिश्तेदारों ने यही सोचा कि दो दिन हो भी चुके हैं। ऐसे में मेरठ से शव बिहार ले जाने में समय भी लगेगा। इससे तो मेरठ में ही अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि आदित्य की बहन जयपुर में जॉब करती है। शुक्रवार को वह भी दिल्ली आ गई थी, भाई की मौत के बाद मां की मौत का पता चला तो हालत बिगड़ गई।


स्कूल की छुट्टी रही
सूरजकुंड पर कॉलेज के बीटेक विभाग के डायेक्टर संजीव शर्मा, विजय शर्मा, अभिषेक सिंह, नवीन त्यागी, डॉ बीएस चौबे, वार्डन अनुज चौधरी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वहीं स्कूल की भी छुट्टी कर दी गई। कॉलेज के चेयरमैन हरिओम अग्रवाल ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उधर, कालेज प्रशासन की ओर से छात्र आदित्य के अंतिम संस्कार का पूरा खर्चा वहन किया गया।

खास बात
हादसे में दो छात्रों की मौत का मामला
आदित्य के अंतिम संस्कार में नहीं आ सके पिता और बहन
रिश्तेदार और स्कूल के छात्र ही रहे मौजूद, मामा ने दी मुखाग्नि
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