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मेरठ में कोई नहीं आया गर्भ में बेटियों के रक्षा के लिए
Updated Mon, 28 Aug 2017 02:44 AM IST
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मेरठ। शासन की मुखबिर योजना मेरठ में दम तोड़ती नजर आ रही है। दो माह होने को हैं और कोई भी व्यक्ति गर्भ में बेटियों की रक्षा के लिए किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए आगे नहीं आया है। एक जुलाई से लागू हो चुकी शासन की ‘मुखबिर योजना’ मेरठ में परवान नहीं चढ़ पा रही है।
इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण जांच और भ्रूण हत्या करने वालों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिरों की जरूरत है। इस तरह के लोगों को पकड़वाने के लिए किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करेगा। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये दिए जाएंगे और जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर शुरू की गई यह योजना एक जुलाई से पूरे प्रदेश में शुरू हो चुकी है, जो भी इसमें पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों (महिला-पुरुष) को समान कैद और जुर्माना हो सकता है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि मुखबिरों की तलाश की जाएगी। अब शासन की इस योजना पर गंभीरता से काम किया जाएगा।
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इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण जांच और भ्रूण हत्या करने वालों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिरों की जरूरत है। इस तरह के लोगों को पकड़वाने के लिए किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करेगा। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये दिए जाएंगे और जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर शुरू की गई यह योजना एक जुलाई से पूरे प्रदेश में शुरू हो चुकी है, जो भी इसमें पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों (महिला-पुरुष) को समान कैद और जुर्माना हो सकता है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि मुखबिरों की तलाश की जाएगी। अब शासन की इस योजना पर गंभीरता से काम किया जाएगा।
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