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09 मार्च को यूट्यूब पर आया 29 मार्च का पेपर
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9 मार्च को ही यूट्यूब पर डाल दिया 29 मार्च का पेपर
- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 20 दिन पहले इंटरनेट पर पहुंचा पेपर
- बोर्ड ने चिन्हित किए यूट्यूब लिंक, जो फैला रहे पेपर लीक की खबर
- नहीं थम रही पेपर लीक की अफवाह, बोर्ड ने सर्कुलर जारी कर की निंदा
मेरठ।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक होने की अफवाहें फैलने से रुक नहीं रही हैं। बोर्ड लगातार सर्कुलर जारी कर विद्यार्थियों व परिजनों को ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की हिदायत दे रहा है। वहीं बोर्ड ने ऐसे लोगों पर पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई करने की अपील की है।
बुधवार को भी बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया। बोर्ड 50 से अधिक ऐसे यूट्यूब लिंक को चिन्हित कर चुका है, जिन पर फेक पेपर बनाकर डाला गया है। छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसी तरह के एक लिंक में 29 मार्च को होने वाले दसवीं कक्षा के सोशल साइंस के पेपर का जिक्र है। यह पेपर 9, 12, 23, 24, 25 और 26 मार्च को यूट्यूब पर डाला गया है। हर बार एक अलग लिंक पर कुछ परिवर्तन कर पेपर को डाला गया है। इसी तरह 27 मार्च को हुआ फाउंडेशन ऑफ आईटी का पेपर 23 मार्च को ही यूट्यूब पर डाला जा चुका है। हिंदी का पेपर चार माह पहले ही यूट्यूब पर डाल दिया गया। अक्तूबर 2018 से ही फर्जी पेपर बनाकर उन्हें यूट्यूब पर डालने का सिलसिला चल रहा है। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। शांतिपूर्वक परीक्षा दें।
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- सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 20 दिन पहले इंटरनेट पर पहुंचा पेपर
- बोर्ड ने चिन्हित किए यूट्यूब लिंक, जो फैला रहे पेपर लीक की खबर
- नहीं थम रही पेपर लीक की अफवाह, बोर्ड ने सर्कुलर जारी कर की निंदा
मेरठ।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक होने की अफवाहें फैलने से रुक नहीं रही हैं। बोर्ड लगातार सर्कुलर जारी कर विद्यार्थियों व परिजनों को ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की हिदायत दे रहा है। वहीं बोर्ड ने ऐसे लोगों पर पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई करने की अपील की है।
बुधवार को भी बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया। बोर्ड 50 से अधिक ऐसे यूट्यूब लिंक को चिन्हित कर चुका है, जिन पर फेक पेपर बनाकर डाला गया है। छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसी तरह के एक लिंक में 29 मार्च को होने वाले दसवीं कक्षा के सोशल साइंस के पेपर का जिक्र है। यह पेपर 9, 12, 23, 24, 25 और 26 मार्च को यूट्यूब पर डाला गया है। हर बार एक अलग लिंक पर कुछ परिवर्तन कर पेपर को डाला गया है। इसी तरह 27 मार्च को हुआ फाउंडेशन ऑफ आईटी का पेपर 23 मार्च को ही यूट्यूब पर डाला जा चुका है। हिंदी का पेपर चार माह पहले ही यूट्यूब पर डाल दिया गया। अक्तूबर 2018 से ही फर्जी पेपर बनाकर उन्हें यूट्यूब पर डालने का सिलसिला चल रहा है। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। शांतिपूर्वक परीक्षा दें।
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