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पीपीपी मॉडल पर होगा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास

Sun, 03 Mar 2019 01:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 01:43 AM IST
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पीपीपी मॉडल पर होगा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
- ओडीओपी समिट में पहुंचे एमएसएमई के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी
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- निजी जमीन को सुविधाएं व छूट देकर बनाया जाएगा औद्योगिक क्षेत्र
- एमएसएमई सेक्टर के विकास को जल्द नई नीति

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। इंवेस्टर समिट में हुए निवेश के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए अब पीपीपी मॉडल को फॉलो किया जाएगा। उद्यमियों को जमीन न मिलने की जो शिकायत है उसे पीपीपी मॉडल के माध्यम से दूर किया जाएगा।
सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में शनिवार को एक जिला एक उत्पाद समिट में एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन, खादी ग्रामोद्योग, हथकरघा मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य उद्योगों को विस्तार देना है। इसलिए पीपीपी मॉडल पर उद्योगों को विस्तार देेंगे। जिन उद्यमियों के पास निजी जमीनें हैं वो अपनी जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करें। विकास के लिए धन सरकार देगी। छोटे प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क बनेंगे। इसमें सारी सुविधाएं मिलेंगी। स्टांप ड्यूटी, विकास शुल्क माफ, बिजली व अन्य छूट मिलेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में छोटे उद्यमियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज व बांबे स्टॉक एक्सचेंज से समझौता किया है। यदि किसी छोटे उद्यमी का कारोबार डूबता है तो एनएसई व एमएसई उसके शेयर खरीदकर उसे लाभ दें। दो कारोबारियों को हाल में इसका लाभ भी मिला है। ओडीओपी समिट में मेरठ का सोना कारोबार भी जल्द शामिल होगा। अभी मेरठ से खेल उद्योग को लिया है जब खेल उद्योग के कारोबारी लाभांवित हो जाएंगे तो मेरठ के सोना कारोबार को शामिल करेंगे। इस प्रक्रिया पर काम चल रहा है। जैम पोर्टल पर जो उद्यमी पंजीकृत हैं सरकारी विभागों को उनसे 20 प्रतिशत सामान लेने की बाध्यता थी, लेकिन अब जैम पोर्टल से 25 प्रतिशत सामान सरकारी विभागों को खरीदना ही पड़ेगा। महिलाओं व आरक्षित वर्ग के लिए यह सुविधा 30 प्रतिशत है। उद्यमियों को प्लॉट की सुविधा हेतु एमएसएमई सेक्टर में नई नीति लाएगी जहां पर पीपीपी मॉडल पर छोटे उद्योग लगाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके विकास हेतु सरकार स्टाम्प डृयूटी, डेवलेपमेन्ट आदि में भी छूट देगी। 75 जिलों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर खुलेंगे। जहां कच्चे माल, वितरण, विपणन की समस्या का समाधान होगा। लोन में महिलाओं को विशेष छूट मिलेगी। उप्र में 44 लाख कॉटेज इंडस्ट्री है। गोमूत्र से अमीनो एसिड बनाकर उससे खाद बनाने का प्लांट लखनऊ में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर दिया है। जहां अमीनो एसिड बनाने की इकाई लग रही है।
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8 फरवरी को पुन: होगी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी
मंत्री ने कहा जमीन की समस्या नहीं है, उद्यमी आएं जमीन खाली है। आज आएं कल जमीन मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि 8 फरवरी को पीएम कानपुर में 1 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी होगी। 4 लाख 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन हो चुके हैं। टेक्निकल डिफिकल्टी के कारण प्रोसेसिंग में है, ब्रेकिंग सेरेमनी में उन्हें हल किया जाएगा।
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वक्त आने पर आएगा मसूद अजहर का सिर
मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि पाकिस्तान में हमसे लड़ने की हिम्मत नहीं है। वह मैदान छोड़कर पहले ही भाग गया, ये सभी ने देखा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मसूद अजहर का सिर मांगा है समय आने पर वो भी होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट था अब रियल प्रोजेक्ट होगा। यह ट्रेलर था अब फिल्म दिखाना बाकी है।

1233 लाभार्थियों को 6292 करोड़ का ऋण, टूल किट का वितरण
मेरठ। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के तत्वावधान में सीसीएसयू नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृृह में क्षेत्रीय ‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ समिट का शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने शुभारंभ किया।
उन्होंने 16 जनपदों के 1233 लाभार्थियों को 6292 करोड़ का ऋण वितरित किया तथा 617 लाभार्थियों को टूल-किट बांटे। उन्होंने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद समिट प्रदेश में 02 लाख से ऊपर लोगों को 20 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया तथा 22 हजार लोगों को नवीन टूल किट बंटे हैं। प्रदेश में 75 हजार करोड़ का ऋण उद्यमियों को प्रतिवर्ष देने का लक्ष्य निर्धारित है। प्रदेश में 47 हजार लोगों को 6500 करोड़ का ऋण वितरण किया जा रहा है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने विचार रखे। आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के रविंद्र नायक ने योजना की जानकारी दी। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि ओडीओपी में मेरठ से खेल उद्योग शामिल है। योजना में अब तक मेरठ में 40 लाभार्थियों को 2.5 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त एमएसएमई के अंतर्गत भी 26390 उद्यमियों को 1442 करोड़ का ऋण विभिन्न बैंकों से तथा 504 लाभार्थियों को अन्य योजना के अंतर्गत 290 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1748 करोड़ का ऋण स्वीकृत हुआ है। इस अवसर पर विशेष सचिव उद्योग अमित कुमार सिंह, अपर आयुक्त उद्योग मेरठ मंडल उदयीराम, नगर आयुक्त मनोज चौहान, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र वीके कौशल, सहायक मैनेजर जिला उद्योग केंद्र शैलेंद्र सिंह तथा 16 जनपदों के उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
16 जनपदों के सामानों की लगी प्रदर्शनी
मेरठ खेल का सामान, गौतमबुद्धनगर का सिले हुए वस्त्र, बागपत का घरेलू सजावटी सामान, सहारनपुर का वुड़ कारविंग, रामपुर का पेच वर्क, अमरोहा का वाद्य यंत्र, बिजनौर का वुड क्राफ्ट, फर्रुखाबाद का ब्लॉक प्रिंटिंग, बस्ती का वुड क्राफ्ट, पीलीभीत की बांसुरी, महाराजगंज का फर्नीचर, मैनपुर की तारकशी कला, राय बरेली का वुड फ्राफ्ट, हरदोई का हथकरधा व चित्रकूट की लकड़ी के खिलौने के उत्पाद प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहे। सभी जिलों में आयोजन का लाइव प्रसारण हुआ। जिलों में अन्य लाभार्थियों को चेक व किट बांटे गए।
बरसात के कारण एक दिन में हुआ समापन
आयोजन तीन दिन का था। ओडीओपी के तहत आए विभिन्न जनपदों के कारीगरों के उत्पादों के सामान की तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगाने का कार्यक्रम तय था लेकिन शनिवार को बरसात होने व मौसम बिगड़ने के कारण आयोजन एक दिन में ही समाप्त करना पड़ा। सहायक आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया जल्द ही प्रदर्शनी का पुन: आयोजन होगा, जिसकी तिथि पुन: घोषित करेंगे।

छात्राओं ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
आयोजन में स्कूली छात्राओं ने नृत्य, गीत व संगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना के साथ देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया।


उद्यमियों ने बताई जमीन की परेशानी
एमएसएमई मंत्री से उद्यमियों ने जमीन की परेशानी रखी। विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल इस्टेट के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने बाह्य विकास शुल्क की समस्या बताई। उद्योगों के विकास में जमीन की कमी परेशानी का सबब बन रही है इसे सुलझाने को कहा। उद्यमियों ने कहा कि बैंक लोन देने में परेशान कर रहे हैं। जल्द समस्या दूर होने का आश्वासन दिया।
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