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अगले महीने से शुरू होगी 150 करोड़ की सुपर स्पेशियलिटी विंग

Wed, 12 Jun 2019 02:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 02:32 AM IST
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अगले महीने से शुरू होगी 150 करोड़ की सुपर स्पेशियलिटी विंग
अगले महीने से शुरू होगी 150 करोड़ की सुपर स्पेशियलिटी विंग
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- बराबर में बनी एसबीआई की पुरानी बिल्डिंग की गई ध्वस्त
- इस बिल्डिंग की वजह से नहीं मिल रही थी फायर की एनओसी
- सुपर स्पेशियलिटी विंग में 160 बेड की क्षमता, सात मॉड्यूलर ओटी
- मेडिकल में हर साल आते हैं नौ लाख से ज्यादा मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई सुपर स्पेशियलिटी विंग शुरू होने में आ रही अड़चन खत्म हो गई हैं। सबकुछ सही रहा तो अगले महीने (जुलाई) से इसे शुरू करने की तैयारी है। 160 बेड की क्षमता वाली इस विंग में सात मॉड्यूलर ओटी बनाए गए हैं। हर ओटी के लिए पांच-पांच बेड के वाले आईसीयू भी तैयार किए गए हैं। एमसीआई के मानकों के अनुसार करीब 70 करोड़ के उपकरण यहां लगाए गए हैं।
दरअसल, सुपर स्पेशियलिटी विंग को फरवरी 2019 में शुरू करने की योजना थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका उद्घाटन करना था, लेकिन यह शुरू नहीं हो सकी। सुपर स्पेशियलिटी विंग के निर्धारित समय से शुरू न होने से पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज की केंद्र और यूपी सरकार के आगे किरकिरी हुई थी। इसे बेहद गंभीरता से लिया गया था और लखनऊ महानिदेशालय से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। फायर एनओसी न मिलने के अलावा इस अस्पताल के शुरू न होने की कई और भी वजहें थीं। अस्पताल के बराबर में बनी पुरानी एसबीआई की बिल्डिंग के कारण फायर ब्रिगेड ने एनओसी देने से इंकार कर दिया था। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज का विकिरण लाइसेंस सस्पेंड होने से कोई भी मशीन यहां इंस्टाल नहीं की जा सकती थी। तीसरी वजह यह थी कि जिस तरह से इसे बनाया गया है, उससे मेडिकल प्रबंधन पूरी तरह से संतुष्ट नहीं था। ऑपरेशन थियेटर के बाहर वॉश बेसिन का न होना और चिकित्सा प्रभारी के लिए अलग से वॉशरूम की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों का न मिलना भी इसकी एक अहम वजह थी। पुरानी एसबीआई बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया है, इसके अलावा विकिरण लाइसेंस भी प्रक्रिया में है। जल्द सब कुछ ठीक कर इस सुपर स्पेशियलिटी विंग को शुरू कर दिया जाएगा।
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ट्रायल बेस पर शुरू की गईं न्यूरो-बर्न ओपीडी
सुपर स्पेशियलिटी विंग के शुरू होने में जो अड़चनें थीं, उन्हें दूर किया जा रहा है। इसे जल्द शुरू करने की तैयारी है। ट्रायल बेस पर न्यूरो ओपीडी और बर्न व प्लास्टिक ओपीडी शुरू भी कर दी गई है।
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- डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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