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रैपिड रेल : पहले चरण के पिलर के लिए पाइलिंग टेस्ट शुरू
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रैपिड रेल : पहले चरण के पिलर के लिए पाइलिंग टेस्ट शुरू
- दुहाई के पास काम शुरू, तीन दिन पहले की थी बेरिकेडिंग
- वर्ष 2023 तक पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य
- पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक होगा निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर निर्माण कार्य होना है। सोमवार को एनसीआरटीसी अधिकारियों के निर्देशन में पिलर के लिए पाइलिंग टेस्ट किया गया। तीन दिन पहले ही गाजियाबाद-मेरठ रूट पर बेरिकेडिंग लगाकर काम की रूपरेखा तैयार कर ली गई थी।
पिछले एक साल से रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर तेज गति से काम किया जा रहा है। एनसीआरटीसी की तरफ से निर्माण के लिए सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। पहले चरण का निर्माण कार्य वर्ष 2023 तक पूरा करने के लिए एनसीआरटीसी पूरी तरह से जुट गया है। 82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए सरायकाले खां से मोदीपुरम तक एनसीआरटीसी की तरफ से बैठकों का दौर जारी है। वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा बैठक ले रहे हैं। जिससे प्रोजेक्ट के बीच में आने वाली कठिनाईयों को दूर किया जा सके। मेरठ में जमीन अधिग्रहण की समस्या को भी हल किया जा रहा है। जिससे मेरठ में दिसंबर-2020 में शुरू होने वाले निर्माण कार्य के समय किसी भी तरह का व्यवधान न पैदा हो।
एलिवेटेड ट्रैक के लिए जरूरी पाइलिंग
एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर को खड़ा करने के लिए नींव की जरूरत होती है। इससे पहले पाइलिंग टेस्ट किया जाता है। इस कार्य की जिम्मेदारी ऐपको-सीआरएफजी के संयुक्त उद्यम को सौंपा गया है। पाइलिंग टेस्ट में लोड डालकर देखा जाएगा कि यहां कितनी मजबूती है। इसके बाद ही पिलर को खड़ा किया जाएगा।
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मेरठ क्षेत्र में मिट्टी जांच का कार्य
इसके अलावा मेरठ क्षेत्र में मिट्टी की जांच का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य परतापुर से आगे बढ़ चुका है। मेरठ में 184 स्थानों पर मिट्टी की जांच का कार्य होना है। अभी तक लगभग 80 स्थानों पर यह काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए भी टेंडर निकाले जा रहे हैं।
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- दुहाई के पास काम शुरू, तीन दिन पहले की थी बेरिकेडिंग
- वर्ष 2023 तक पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य
- पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक होगा निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर निर्माण कार्य होना है। सोमवार को एनसीआरटीसी अधिकारियों के निर्देशन में पिलर के लिए पाइलिंग टेस्ट किया गया। तीन दिन पहले ही गाजियाबाद-मेरठ रूट पर बेरिकेडिंग लगाकर काम की रूपरेखा तैयार कर ली गई थी।
पिछले एक साल से रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर तेज गति से काम किया जा रहा है। एनसीआरटीसी की तरफ से निर्माण के लिए सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। पहले चरण का निर्माण कार्य वर्ष 2023 तक पूरा करने के लिए एनसीआरटीसी पूरी तरह से जुट गया है। 82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए सरायकाले खां से मोदीपुरम तक एनसीआरटीसी की तरफ से बैठकों का दौर जारी है। वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा बैठक ले रहे हैं। जिससे प्रोजेक्ट के बीच में आने वाली कठिनाईयों को दूर किया जा सके। मेरठ में जमीन अधिग्रहण की समस्या को भी हल किया जा रहा है। जिससे मेरठ में दिसंबर-2020 में शुरू होने वाले निर्माण कार्य के समय किसी भी तरह का व्यवधान न पैदा हो।
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एलिवेटेड ट्रैक के लिए जरूरी पाइलिंग
एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर को खड़ा करने के लिए नींव की जरूरत होती है। इससे पहले पाइलिंग टेस्ट किया जाता है। इस कार्य की जिम्मेदारी ऐपको-सीआरएफजी के संयुक्त उद्यम को सौंपा गया है। पाइलिंग टेस्ट में लोड डालकर देखा जाएगा कि यहां कितनी मजबूती है। इसके बाद ही पिलर को खड़ा किया जाएगा।
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मेरठ क्षेत्र में मिट्टी जांच का कार्य
इसके अलावा मेरठ क्षेत्र में मिट्टी की जांच का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य परतापुर से आगे बढ़ चुका है। मेरठ में 184 स्थानों पर मिट्टी की जांच का कार्य होना है। अभी तक लगभग 80 स्थानों पर यह काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए भी टेंडर निकाले जा रहे हैं।