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जांच के नाम पर उत्पीडन के विरोध में बीटीसी कालेज अनिश्चित कालीन के लिए बंद
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:01 AM IST
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मवाना। स्ववित्त पोषित बीटीसी/डीएलडी महाविद्यालयों के प्रबंधकों ने बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उन्होंने जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की। इससे छात्र-छात्राओं में बेचैनी है।
कॉलेजों के प्रबंधक डॉ. पुखराज, डॉ. अंकित, विक्रांत, गौरव गिरि, अंकित गुप्ता, यतेंद्र कुमार, हरविंदर, रिंकू, मोनू आदि बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि कॉलेज को एनसीटीई से मान्यता मिली है। इसके लिए विभिन्न जांच से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ द्वारा निजी डीएलएड संस्थानों की जांच कराने के आदेश प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने जिलाधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज की मान्यता देने से पहले डायट प्राचार्य, एसडीएम, एडीएम एवं विभिन्न अधिकारी जांच करते हैं। मान्यता के दौरान किसी कॉलेज प्रबंधन ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर तथ्य छिपाए हैं तो कॉलेज के साथ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि कॉलेजों ने कोई तथ्य नहीं छिपाए। बार-बार जांच के नाम पर बीटीसी/ डीएलएड कॉलेज के प्रबंधकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्ववित्त पोषित बीटीसी/डीएलएड महाविद्यालय एसोसिएशन के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए कॉलेज बंद कर दिए गए। इस पर सभी प्रबंधक एकत्र होकर तहसील पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा। वहीं, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि प्रबंधकों के ज्ञापन को आगे भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य बातें
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने दिया निजी डीएलएड संस्थानों की जांच का आदेश
कॉलेजों के प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
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कॉलेजों के प्रबंधक डॉ. पुखराज, डॉ. अंकित, विक्रांत, गौरव गिरि, अंकित गुप्ता, यतेंद्र कुमार, हरविंदर, रिंकू, मोनू आदि बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि कॉलेज को एनसीटीई से मान्यता मिली है। इसके लिए विभिन्न जांच से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ द्वारा निजी डीएलएड संस्थानों की जांच कराने के आदेश प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने जिलाधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज की मान्यता देने से पहले डायट प्राचार्य, एसडीएम, एडीएम एवं विभिन्न अधिकारी जांच करते हैं। मान्यता के दौरान किसी कॉलेज प्रबंधन ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर तथ्य छिपाए हैं तो कॉलेज के साथ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि कॉलेजों ने कोई तथ्य नहीं छिपाए। बार-बार जांच के नाम पर बीटीसी/ डीएलएड कॉलेज के प्रबंधकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्ववित्त पोषित बीटीसी/डीएलएड महाविद्यालय एसोसिएशन के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए कॉलेज बंद कर दिए गए। इस पर सभी प्रबंधक एकत्र होकर तहसील पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा। वहीं, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि प्रबंधकों के ज्ञापन को आगे भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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मुख्य बातें
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने दिया निजी डीएलएड संस्थानों की जांच का आदेश
कॉलेजों के प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा