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आय से अधिक संपति के आरोपी बैंक मैनेजर को कैद
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:12 AM IST
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मेरठ। मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर विजय पाल सिंह को एडीजे-6 (स्पेशल जज) शिव सिंह यादव ने आय से अधिक संपत्ति का दोषी पाते हुए चार साल कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी ब्रजपाल सिंह निरीक्षक एंटी करप्शन मेरठ सेक्टर द्वारा 19 जुलाई 2004 को थाना देहली गेट में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इसमें बताया गया कि शासन के आदेश पर मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर विजयपाल सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के विषय में जांच की गई। जिसमें निरीक्षक ने जांच में बताया कि 15 जनवरी 1988 से 30 जून 2002 तक के सेवाकाल में 15,50,563 रुपये की आय प्राप्त हुई जबकि इसी अवधि में विजयपाल द्वारा चल अचल संपत्ति अर्जित करते बच्चों की शिक्षा एवं अन्य मदों पर कुल मिलाकर 20,60,000 रुपये खर्च किए गए। इस अवधि में 5,09,452 रुपये आय से अधिक परिसंपत्ति अर्जित करने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
इस धनराशि का कोई साक्ष्य नही बताया गया। इस मामले की सुनवाई एडीजे-6 (स्पेशल जज) के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील विरेश त्यागी ने वादी ब्रजपाल सिंह, विनोद कुमार, मुरारी लाल, बालकिशन सहित 12 गवाह अदालत में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई।
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खास बातें:
मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर के खिलाफ हुई थी भ्रष्टाचार की जांच
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अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी ब्रजपाल सिंह निरीक्षक एंटी करप्शन मेरठ सेक्टर द्वारा 19 जुलाई 2004 को थाना देहली गेट में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इसमें बताया गया कि शासन के आदेश पर मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर विजयपाल सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के विषय में जांच की गई। जिसमें निरीक्षक ने जांच में बताया कि 15 जनवरी 1988 से 30 जून 2002 तक के सेवाकाल में 15,50,563 रुपये की आय प्राप्त हुई जबकि इसी अवधि में विजयपाल द्वारा चल अचल संपत्ति अर्जित करते बच्चों की शिक्षा एवं अन्य मदों पर कुल मिलाकर 20,60,000 रुपये खर्च किए गए। इस अवधि में 5,09,452 रुपये आय से अधिक परिसंपत्ति अर्जित करने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
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इस धनराशि का कोई साक्ष्य नही बताया गया। इस मामले की सुनवाई एडीजे-6 (स्पेशल जज) के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील विरेश त्यागी ने वादी ब्रजपाल सिंह, विनोद कुमार, मुरारी लाल, बालकिशन सहित 12 गवाह अदालत में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई।
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मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर के खिलाफ हुई थी भ्रष्टाचार की जांच