फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   गंगा का जल स्तर कम होने से गांव वालों ने राहत महसूस की।

गंगा का जल स्तर कम होने से गांव वालों ने राहत महसूस की।

Tue, 31 Jul 2018 02:04 AM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
गंगा का जल स्तर कम होने से गांव वालों ने राहत महसूस की।
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही इन दिनों भयंकर बरसात से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ने-घटने का क्रम जारी है। सोमवार को जल स्तर रविवार के मुकाबले 10 हजार क्यूसेक कम रहा।
विज्ञापन

चार दिन पूर्व फतेहपुर प्रेम गांव और गंगा मंदिर के बीच में गंगा का बांध टूट गया था। गंगा का पानी तेजी से गांव एवं जंगल की ओर बढ़ रहा था। जिससे ग्रामीण एवं प्रशासन की इस बार बांध पर पैनी नजर थी। प्रशासन ने समय रहते टूटे बांध का पानी रोक दिया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गंगा का पानी फतेहपुर प्रेम गंगा मंदिर से चार दिन तक निकलता रहा। यहां पर सिंचाई विभाग कर्मी भी बारिश और धूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने धारा रोकने का काम किया। गंगा का पानी टूटे हुए बांध से बहुत हद तक बंद हो चुका था। चार दिन तक चले पानी से कई गांव के जंगल में फसल चपेट में आ गई है। लगातार गंगा का पानी बाहर निकलने से तलहटी में तैयार खड़ी फसलों को नष्ट कर सकता है। हंसापुर, सिरजेपुर, पटेल नगर, दूधली, खेड़ी कलां, मखदूमपुर, मानपुर, फतेहपुर समेत दर्जनभर गांव में खेती की लगभग 80 फ़ीसदी भूमि में धान और गन्ने की फसलें उगाई हैं। गंगा का पानी बांध तोड़कर बाहर फैल चुका है और फसलों में घुस गया है। कई किसानों का कहना है कि उन्होंने गन्ना एवं धान की फसल के लिए अधिकतर भूमि ठेके पर ले रखी है। उसका ठेका बहुत महंगा हो गया है। कड़ी मेहनत कर फसलों को तैयार किया। गंगा ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। सोमवार को बिजनौर बैराज से मिली जानकारी के अनुसार गंगा का जलस्तर एक लाख बाईस हजार चल रहा था अगर बारिश होने का क्रम यूं ही जारी रहा तो जलस्तर और परेशानी बढ़ा सकता है। भारी बारिश होने से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ पिघलने से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। गंगा किनारे बसे ग्रामीण भी प्रभावित हैं। उनका कहना है कि गंगा उफान पर है। उसने विकराल रूप धारण कर लिया है और अधिकतर फसलों में बारिश और गंगा का पानी भरा है और उन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि मौके पर सिंचाई विभाग की टीम लगी हुई है। वह हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। टूटे तटबंध पर कार्य तीव्र गति से चल रहा है। आगे से भी डिस्चार्ज में कमी हो रही है जिससे बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
विज्ञापन

बाढ़ से तबाही का मंजर प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। लगातार जलस्तर में हो रही वृद्धि से जलभराव के चलते खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव के हालात नाजुक बने हैं। जहां पर एक ओर जलभराव के चलते पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा होने लगा है। फतेहपुर प्रेम गांव निवासी तेजपाल सिंह ने बताया कि गांव के चारों तरफ पानी है। गांव से कुछ ही दूर गंगा की तेज धारा है फसलें जलमग्न हैं। गांव से मिलकर गंगा की तेज धारा बह रही है। रात उनकी डर के साए में बीतती है। ग्रामीण बांध पर भी नजर लगाए हैं। वहीं, हरिपुर गांवड़ी के समीप गंगा तटबंध पूरी तरह कटान की ओर है। उसे रोकने के लिए आज ग्रामीणों की मांग पर विधायक दिनेश खटीक ने नगर पंचायत हस्तिनापुर से जेसीबी भेजकर तटबंध रोकने के लिए मिट्टी डलवाने का कार्य शुरू कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य बातें
गंगा में पानी के उतार-चढ़ाव से हो रही परेशानी
एसडीएम बोले, क्षेत्र में नहीं हैं बाढ़ के हालात, सिंचाई विभाग के अफसर कर रहे निगरानी


हस्तिनापुर। टूटे तटबंध से किसानों की फसलों को हानि हुई है और कटान रोकने के लिए प्रशासन ने भी प्रयास तेज कर दिये हैं आज भाजपा नेता पूर्व विधायक गोपाल काली फतेहपुर प्रेम के पास गंगा किनारे बनाये जा रहे तटबंध को देखने के लिए पहुंचे एवं वहां का हाल जाना। किसानों से बाढ द्वारा होने वाली हानि की भी पूरी जानकारी ली एवं गंगा किनारे रहने वाले संत बाब ा भूरी वाले, बाबा जगतार सिंह बाबा मीठा सिंह, प्रदीप मान, सतनाम सिंह, से गोपाल काली ने वार्ता की एवं गंगा बाढ से होने वाली हानि की पूरी जानकारी भी ली एवं आश्वासन दिया कि वे शासन प्रशासन से मिलकर इस क्षेत्र की बाढ की समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। उनके साथ भाजपा नेता गोपाल शर्मा, सतपाल भाटी, समेत दर्जनों कार्यकर्ता रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed