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पर्चो ना आने पर किसानों ने तोल बंद कर ताला जडा ।
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:48 PM IST
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बौंद्रा। सरकार के लाख दावों के बावजूद गन्ना किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले पा रही हैं। किठौर के आसपास से जुडे़ कई गांवों के गन्ना किसानों का शनिवार को सब्र टूटा और क्रय केंद्र पर पहुंचकर पर्ची नहीं आने तक तौल बंद करने का ऐलान कर दिया।
किसानों ने गन्ना माफिया और केन मैनेजर की मिलीभगत का भी आरोप लगाया। केन्द्र पर लिपिक को बाहर निकालकर किसानों ने ताला लगा दिया। इसी बीच प्रदर्शन करने वाले किसानों का गुस्सा देख तौल लिपिक वहां से खिसक गया। किसान पूरेे दिन क्रय केन्द्र पर डटे रहे। देर शाम कैन मैनेजर ने पहुंचकर किसानों की समस्या का तीन दिन में निस्तारण करने का आश्वासन दिया। किसानों की पर्ची नहीं आने पर अभी गन्ना खेतों में ही खड़ा हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद किठौर एवं इससे जुडे़ भगवानपुर, ईसापुर झीड़ियों आदि गांवों के किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है। पर्ची नहीं आने से परेशान किसानों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा और दर्जनों किसानों ने सिंभावली शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचकर तौल बंद कराई और पर्चों नहीं आने तक तौल बंद करने के लिए कहा। किसानों के हंगामे के दौरान तौल लिपिक फरार हो गया। उधर, किसानों ने केन्द्र पर ताला लगाते हुए तौल पूरी तरह बंद कराई। किसान कैन मैनेजर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद कैन मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन बंद कर लिया। वहां पहुंचे मशकूर, जराफत, हाजी इस्तकार, तैयब अली, सोराज सिंह, नवाब सिंह, हाजी यामीन, मतीन, रागिब अली आदि किसानों का आरोप है कि कैन मैनेजर गन्ना माफिया से साठगांठ किए हुए हैं। किसानों के बजाय अवैध रूप से गन्ना माफिया का गन्ना खरीद वाया जा रहा है। पूरे दिन गन्ना क्रय केन्द्र पर किसान धरना दिये बैठे रहे देर शाम सिम्भावली मिल के कैन मैनेजर अमानुल्ला खा सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता कर तीन दिन में गन्ने की खड़ी फसल की पैमाइश कराकर पर्ची भिजवाने का आश्वासन दिया तब जाकर किसान शांत हुए। इस संबंध में कैन मैनेजर अमानुल्ला खां का कहना है कि तीन दिन में जांच कराकर पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना माफिया से मिलीभगत का आरोप निराधार बताया है।
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किसानों ने गन्ना माफिया और केन मैनेजर की मिलीभगत का भी आरोप लगाया। केन्द्र पर लिपिक को बाहर निकालकर किसानों ने ताला लगा दिया। इसी बीच प्रदर्शन करने वाले किसानों का गुस्सा देख तौल लिपिक वहां से खिसक गया। किसान पूरेे दिन क्रय केन्द्र पर डटे रहे। देर शाम कैन मैनेजर ने पहुंचकर किसानों की समस्या का तीन दिन में निस्तारण करने का आश्वासन दिया। किसानों की पर्ची नहीं आने पर अभी गन्ना खेतों में ही खड़ा हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद किठौर एवं इससे जुडे़ भगवानपुर, ईसापुर झीड़ियों आदि गांवों के किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है। पर्ची नहीं आने से परेशान किसानों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा और दर्जनों किसानों ने सिंभावली शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचकर तौल बंद कराई और पर्चों नहीं आने तक तौल बंद करने के लिए कहा। किसानों के हंगामे के दौरान तौल लिपिक फरार हो गया। उधर, किसानों ने केन्द्र पर ताला लगाते हुए तौल पूरी तरह बंद कराई। किसान कैन मैनेजर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद कैन मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन बंद कर लिया। वहां पहुंचे मशकूर, जराफत, हाजी इस्तकार, तैयब अली, सोराज सिंह, नवाब सिंह, हाजी यामीन, मतीन, रागिब अली आदि किसानों का आरोप है कि कैन मैनेजर गन्ना माफिया से साठगांठ किए हुए हैं। किसानों के बजाय अवैध रूप से गन्ना माफिया का गन्ना खरीद वाया जा रहा है। पूरे दिन गन्ना क्रय केन्द्र पर किसान धरना दिये बैठे रहे देर शाम सिम्भावली मिल के कैन मैनेजर अमानुल्ला खा सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता कर तीन दिन में गन्ने की खड़ी फसल की पैमाइश कराकर पर्ची भिजवाने का आश्वासन दिया तब जाकर किसान शांत हुए। इस संबंध में कैन मैनेजर अमानुल्ला खां का कहना है कि तीन दिन में जांच कराकर पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना माफिया से मिलीभगत का आरोप निराधार बताया है।
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