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रैपिड ट्रेन की बढ़ेगी रफ्तार, बाह्य विकास शुल्क की पड़ेगी मार
Updated Tue, 19 Jun 2018 02:24 AM IST
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मेरठ रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कर रही एनसीआरटीसी की पांच सदस्यीय टीम ने सोमवार को मेरठ में देखा कि इस प्रोजेक्ट के लिए आय के साधन कैसे जुटेंगे। एमडीए अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर मंथन हुआ। इसके लिए जहां स्थानीय स्तर पर बाह्य शुल्क वृद्धि पर बात हुई तो वहीं जमीन की खरीद पर विमर्श हुआ।
एनसीआरटीसी की पांच सदस्यीय टीम ने वीसी साहब सिंह, सीटीपी जेएन रेड्डी तथा एटीपी गोर्की के साथ बैठक की। 32 हजार करोड़ का रैपिड ट्रेन का प्रोजेक्ट कैसे यहां दौड़ेगा, इस पर विचार हुआ। इसके लिए एमडीए को भी हिस्सा देना होगा। इस बाबत विचार हुआ कि एमडीए अपनी आय के साधन बढ़ाएगा। बाह्य विकास शुल्क में वृद्धि होगी।
सीधी खरीदनी होगी जमीन
जिन स्थानों पर स्टेशन के लिए जमीन नहीं है वहां जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। इसके लिए सीधी जमीन खरीदनी है। एनसीआरटीसी ने अधिग्रहण की प्रक्रिया से बचते हुए सीधी खरीद का प्लान बनाया है। कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने भी इस बाबत आयुक्त को पत्र लिखा। कहा था कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन, और पुनर्व्यवस्थापना में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की बजाय समझौते से जमीन खरीदना उचित है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे एवं लखनऊ मेट्रो में इसी तरह से भू स्वामियों से समझौते के आधार पर सीधी खरीद की गई। इसके लिए उन्होंने अनुमति मांगी है। इसके लिए आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने भी अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शासन स्तर पर निर्णय लेने की बात कही है। वहां से अब कहा जा रहा है कि सीधी खरीद ही हो।
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जल्द खुलेगा एनसीआरटीसी का कार्यालय
मेरठ में जल्द ही एनसीआरटीसी का कार्यालय खुलेगा। कारपोरेशन के मुख्य जनसंपर्र्क अधिकारी सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद में कार्यालय खोला जा चुका है। अब सराय काले खां और मेरठ में कार्यालय खुलना है। इसी माह के अंत तक अगले माह कार्यालय खोलने की पूरी कोशिश की जाएगी।
नई तकनीकी टीम बनेगी
मेरठ में इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासनिक टीम बन चुकी है। अब नई तकनीकी टीम और बनाई जाएगी। यह टीम यह भी आकलन करेगी कि जिन स्टेशनों पर जगह नहीं मिल रही है, वहां क्या विकल्प हो सकते हैं। ट्रैफिक टीम के साथ मिलकर भी अध्ययन होगा।
इस तरह होगी पैसे की साझेदारी
एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन इस प्रोजेक्ट में सबसे अहम है। कॉरपोरेशन में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय की कुल हिस्सेदारी 22.5 प्रतिशत, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान सरकारों में हिस्सेदारी 12.5 प्रतिशत तय की गई है। पिछले दिनों इसके प्रबंधन निदेशक की नियुक्ति कर दी गई है। सरकारोें में स्थानीय निकाय अपना अपना हिस्सा देंगे।
कई टेंडर खोले
फिलहाल एनसीआरटीसी छोटे-छोटे कामों केलिए टेंडर खोल रहा है। सोमवार को भी टेंडर खुले। इस पांच किमी के लिए विभिन्न कार्यों के लिए जारी किया है। इस काम की कार्यवधि तीन साल रखी गई है। दरअसल सराय काले खां से मेरठ तक 82 किमी के रैपिड ट्रेन रूट का निर्माण दो चरणों में होना है। पहला चरण सराय काले खां से दुहाई तक का है। इसके लिए केंद्र ने 1000 करोड़ व राज्य सरकार ने 250 करोड़ रुपया दिया है। इसके लिए सड़क का चौड़ीकरण सबसे अहम है, जिस पर काम शुरू हो गया है।
मोदीपुरम और दुहाई में डिपो
मोदीपुरम और दुहाई में रैपिड ट्रेन के डिपो बनेंगे। निर्माण सामग्री व अन्य सामान शुरुआत में दुहाई के पास बन रहे डिपो में रखे जाएंगे। उधर से ही काम शुरू होगा। पीडब्लूडी विभाग की तरफ से मेरठ तक रैपिड रूट निर्माण हेतु एनओसी दी जा चुकी है।
ये हैं स्टेशन
सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ व मोदीपुरम।
प्रोजेक्ट पर हुआ मंथन
सोमवार को पांच सदस्यीय टीम ने मंथन किया। आय के साधनों से लेकर भू अधिग्रहण तक पर बात हुई। जल्द ही स्थानीय स्तर पर भी एक तकनीकी टीम खड़ी कर दी जाएगी। प्रोजेक्ट पर लगातार काम करने की कवायद चल रही है। -जेएन रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक एमडीए
खास बातें:
- एनसीआरटीसी की टीम पहुंची मेरठ, आय के साधन जुटाने पर मंथन
- कॉरिडोर टू को देखा खास तौर पर, यहां अब मेट्रो नहीं केवल रैपिड चलेगी
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एनसीआरटीसी की पांच सदस्यीय टीम ने वीसी साहब सिंह, सीटीपी जेएन रेड्डी तथा एटीपी गोर्की के साथ बैठक की। 32 हजार करोड़ का रैपिड ट्रेन का प्रोजेक्ट कैसे यहां दौड़ेगा, इस पर विचार हुआ। इसके लिए एमडीए को भी हिस्सा देना होगा। इस बाबत विचार हुआ कि एमडीए अपनी आय के साधन बढ़ाएगा। बाह्य विकास शुल्क में वृद्धि होगी।
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सीधी खरीदनी होगी जमीन
जिन स्थानों पर स्टेशन के लिए जमीन नहीं है वहां जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। इसके लिए सीधी जमीन खरीदनी है। एनसीआरटीसी ने अधिग्रहण की प्रक्रिया से बचते हुए सीधी खरीद का प्लान बनाया है। कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने भी इस बाबत आयुक्त को पत्र लिखा। कहा था कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन, और पुनर्व्यवस्थापना में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की बजाय समझौते से जमीन खरीदना उचित है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे एवं लखनऊ मेट्रो में इसी तरह से भू स्वामियों से समझौते के आधार पर सीधी खरीद की गई। इसके लिए उन्होंने अनुमति मांगी है। इसके लिए आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने भी अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शासन स्तर पर निर्णय लेने की बात कही है। वहां से अब कहा जा रहा है कि सीधी खरीद ही हो।
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जल्द खुलेगा एनसीआरटीसी का कार्यालय
मेरठ में जल्द ही एनसीआरटीसी का कार्यालय खुलेगा। कारपोरेशन के मुख्य जनसंपर्र्क अधिकारी सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद में कार्यालय खोला जा चुका है। अब सराय काले खां और मेरठ में कार्यालय खुलना है। इसी माह के अंत तक अगले माह कार्यालय खोलने की पूरी कोशिश की जाएगी।
नई तकनीकी टीम बनेगी
मेरठ में इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासनिक टीम बन चुकी है। अब नई तकनीकी टीम और बनाई जाएगी। यह टीम यह भी आकलन करेगी कि जिन स्टेशनों पर जगह नहीं मिल रही है, वहां क्या विकल्प हो सकते हैं। ट्रैफिक टीम के साथ मिलकर भी अध्ययन होगा।
इस तरह होगी पैसे की साझेदारी
एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन इस प्रोजेक्ट में सबसे अहम है। कॉरपोरेशन में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय की कुल हिस्सेदारी 22.5 प्रतिशत, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान सरकारों में हिस्सेदारी 12.5 प्रतिशत तय की गई है। पिछले दिनों इसके प्रबंधन निदेशक की नियुक्ति कर दी गई है। सरकारोें में स्थानीय निकाय अपना अपना हिस्सा देंगे।
कई टेंडर खोले
फिलहाल एनसीआरटीसी छोटे-छोटे कामों केलिए टेंडर खोल रहा है। सोमवार को भी टेंडर खुले। इस पांच किमी के लिए विभिन्न कार्यों के लिए जारी किया है। इस काम की कार्यवधि तीन साल रखी गई है। दरअसल सराय काले खां से मेरठ तक 82 किमी के रैपिड ट्रेन रूट का निर्माण दो चरणों में होना है। पहला चरण सराय काले खां से दुहाई तक का है। इसके लिए केंद्र ने 1000 करोड़ व राज्य सरकार ने 250 करोड़ रुपया दिया है। इसके लिए सड़क का चौड़ीकरण सबसे अहम है, जिस पर काम शुरू हो गया है।
मोदीपुरम और दुहाई में डिपो
मोदीपुरम और दुहाई में रैपिड ट्रेन के डिपो बनेंगे। निर्माण सामग्री व अन्य सामान शुरुआत में दुहाई के पास बन रहे डिपो में रखे जाएंगे। उधर से ही काम शुरू होगा। पीडब्लूडी विभाग की तरफ से मेरठ तक रैपिड रूट निर्माण हेतु एनओसी दी जा चुकी है।
ये हैं स्टेशन
सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ व मोदीपुरम।
प्रोजेक्ट पर हुआ मंथन
सोमवार को पांच सदस्यीय टीम ने मंथन किया। आय के साधनों से लेकर भू अधिग्रहण तक पर बात हुई। जल्द ही स्थानीय स्तर पर भी एक तकनीकी टीम खड़ी कर दी जाएगी। प्रोजेक्ट पर लगातार काम करने की कवायद चल रही है। -जेएन रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक एमडीए
खास बातें:
- एनसीआरटीसी की टीम पहुंची मेरठ, आय के साधन जुटाने पर मंथन
- कॉरिडोर टू को देखा खास तौर पर, यहां अब मेट्रो नहीं केवल रैपिड चलेगी