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कपसाड में बारिश में भरभराकर गिरी कमरे की छत-दो भाई दबे
Updated Sat, 02 Sep 2017 01:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
कपसाड़ गांव में बारिश के कारण शुक्रवार शाम समय एक घेर में बने कमरे की छत गिर गई। इससे दो भाई मलबे में दबकर घायल हो गए। पड़ोसी ने देखा तो शोर मचाया और उनकी बाहर निकाला। गांव में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों भाइयों को मोदीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक भाई की हालत गंभीर है।
कपसाड़ निवासी नैपाल ने घेर में सीमेंट की गाडर व सिल्ली (पटिया) से कमरा तैयार किया था। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश देर शाम तक रूक-रूककर होती रही। शाम के समय नैपाल के दो बेटे विरेंद्र और अनिल कमरे में बैठे थे। शुक्रवार देर शाम अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। जिस समय छत गिरी उस समय अनिल व वीरेंद्र के साथ एक पड़ोसी भी बैठा था। उसने भागकर जान बचाई। दोनो भाइयों के दब जाने पर उनकी चीख पुकार सुनकर लोग दौडे़। दोनों को कडी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। गांव में प्राथमिक उपचार के बाद बार वीरेंद्र की हालत गंभीर में मोदीपुरम के एक हास्पिटल में भर्ती कराया गया। ग्राम प्रधान मुकेश उर्फ हप्पू ने बताया कि वीरेंद्र (25) की हालत गंभीर बनी है।
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सरधना।
कपसाड़ गांव में बारिश के कारण शुक्रवार शाम समय एक घेर में बने कमरे की छत गिर गई। इससे दो भाई मलबे में दबकर घायल हो गए। पड़ोसी ने देखा तो शोर मचाया और उनकी बाहर निकाला। गांव में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों भाइयों को मोदीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक भाई की हालत गंभीर है।
कपसाड़ निवासी नैपाल ने घेर में सीमेंट की गाडर व सिल्ली (पटिया) से कमरा तैयार किया था। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश देर शाम तक रूक-रूककर होती रही। शाम के समय नैपाल के दो बेटे विरेंद्र और अनिल कमरे में बैठे थे। शुक्रवार देर शाम अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। जिस समय छत गिरी उस समय अनिल व वीरेंद्र के साथ एक पड़ोसी भी बैठा था। उसने भागकर जान बचाई। दोनो भाइयों के दब जाने पर उनकी चीख पुकार सुनकर लोग दौडे़। दोनों को कडी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। गांव में प्राथमिक उपचार के बाद बार वीरेंद्र की हालत गंभीर में मोदीपुरम के एक हास्पिटल में भर्ती कराया गया। ग्राम प्रधान मुकेश उर्फ हप्पू ने बताया कि वीरेंद्र (25) की हालत गंभीर बनी है।
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