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लघु नाटिका से पुस्तक के महत्व को बताया
Updated Thu, 24 Aug 2017 03:15 AM IST
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मोदीपुरम। विजडम ग्लोबल स्कूल में बुक्स आर फ्रैंड थीम पर लघु नाटिका का आयोजन किया गया। छात्र देवांश चौहान, अखिलेश सिंह, अन्नया गुप्ता, महक विज, कनिष्का, मितुल ने जान ग्रीसम नामक वकील जो पुस्तकें लिखते थे, उनके जीवन पर नाटिका का मंचन किया।
जान की दो पुस्तकें दा क्लाइंट व दा चैंबर विश्व मे प्रसिद्ध हैं। दा चैंबर एक दादा पोते की कहानी है, जिसमें पोता अपने दादा को लीगल दलीलों के द्वारा जेल की सलाखों से निकाल लाता है। लघु नाटिका में बच्चों ने बताया कि शिक्षा ही हमारा जीवन है, शिक्षा हमारी सफलता की चाबी है। पुस्तक प्रेमी व अध्ययन प्रेमी व्यक्ति ही वास्तिविक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। संस्था के प्रधानाचार्य मिंटू दूबे ने बच्चों को कई लेखकों के नाम बताए और उनकी पुस्तक पढ़ने के लिए कहा। संस्था की एचएम सारिका किस्टोफर ने बच्चों को स्कूल के पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के अध्ययन का महत्व बताया। इस दौरान मीडिया प्रभारी पुनीत राजपूत व शिक्षक मौजूद रहे।
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जान की दो पुस्तकें दा क्लाइंट व दा चैंबर विश्व मे प्रसिद्ध हैं। दा चैंबर एक दादा पोते की कहानी है, जिसमें पोता अपने दादा को लीगल दलीलों के द्वारा जेल की सलाखों से निकाल लाता है। लघु नाटिका में बच्चों ने बताया कि शिक्षा ही हमारा जीवन है, शिक्षा हमारी सफलता की चाबी है। पुस्तक प्रेमी व अध्ययन प्रेमी व्यक्ति ही वास्तिविक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। संस्था के प्रधानाचार्य मिंटू दूबे ने बच्चों को कई लेखकों के नाम बताए और उनकी पुस्तक पढ़ने के लिए कहा। संस्था की एचएम सारिका किस्टोफर ने बच्चों को स्कूल के पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के अध्ययन का महत्व बताया। इस दौरान मीडिया प्रभारी पुनीत राजपूत व शिक्षक मौजूद रहे।
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