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भामौरी में शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजली दी
Updated Sat, 19 Aug 2017 02:27 AM IST
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तहसीलदार ने दी शहीदों को श्रद्घांजली
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
गांव भामौरी में शुक्रवार को शहीद दिवस मनाया गया। स्कूली बच्चों ने गांव में प्रभात फेरी निकाली। मोटो की चौपाल पर हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
ग्रामीणों के अनुसार 18 अगस्त को अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेते हुए गांव के पांच क्रांतिकारी देश की आजादी की खातिर शहीद हो गये थे। ग्रामीणाें ने बताया कि पंडित रामस्वरूप देश की आजादी की अलख जगाते हुए भामौरी पहुंचे और मोटो की चौपाल पर पंचायत का आयोजन किया। इस बीच अंग्रेज मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर बर्बता से नरसंहार किया। इस बीच रामस्वरूप, प्रहलाद सिंह, लटूर सिंह, बोबल सिंह, फतेह सिंह शहीद हो गये। साथ ही 18 से बीच लोग घायल हो गये।
वहीं, अंग्रेजों ने गांव को तोप से उड़ाने का फरमान सुना दिया। सरधना और झिटकरी मार्ग से तोप भामौरी जा रहीं थी। इस बीच चालक ने तोप को दलदल में धंसा दिया। इस बीच गांव को उड़ने के फरमान की अवधि खत्म हो गई। उधर अंग्रेजी सेना ने स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू और उनके साथ इंदिरा गांधी भी भामौरी आई थी। पूर्व में भी कई मंत्री और राज्यमंत्री गांव में आते रहे। कार्यक्रम में तहसीलदार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह भामौरी, प्रधान पति अजय, पूर्व प्रधान दिनेश सिंह, विक्रम सिंह, अजब सिंह आदि रहे। इस दौरान शहीदों को नमन करते हुए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
गांव भामौरी में शुक्रवार को शहीद दिवस मनाया गया। स्कूली बच्चों ने गांव में प्रभात फेरी निकाली। मोटो की चौपाल पर हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
ग्रामीणों के अनुसार 18 अगस्त को अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेते हुए गांव के पांच क्रांतिकारी देश की आजादी की खातिर शहीद हो गये थे। ग्रामीणाें ने बताया कि पंडित रामस्वरूप देश की आजादी की अलख जगाते हुए भामौरी पहुंचे और मोटो की चौपाल पर पंचायत का आयोजन किया। इस बीच अंग्रेज मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर बर्बता से नरसंहार किया। इस बीच रामस्वरूप, प्रहलाद सिंह, लटूर सिंह, बोबल सिंह, फतेह सिंह शहीद हो गये। साथ ही 18 से बीच लोग घायल हो गये।
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वहीं, अंग्रेजों ने गांव को तोप से उड़ाने का फरमान सुना दिया। सरधना और झिटकरी मार्ग से तोप भामौरी जा रहीं थी। इस बीच चालक ने तोप को दलदल में धंसा दिया। इस बीच गांव को उड़ने के फरमान की अवधि खत्म हो गई। उधर अंग्रेजी सेना ने स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू और उनके साथ इंदिरा गांधी भी भामौरी आई थी। पूर्व में भी कई मंत्री और राज्यमंत्री गांव में आते रहे। कार्यक्रम में तहसीलदार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह भामौरी, प्रधान पति अजय, पूर्व प्रधान दिनेश सिंह, विक्रम सिंह, अजब सिंह आदि रहे। इस दौरान शहीदों को नमन करते हुए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
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