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रेलवे ट्रैक का हाई वोल्टेज लाइन का तार चोरी, बडा हादसा टला
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:56 AM IST
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इसके चलते कई ट्रेन प्रभवित हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। चोरों ने रविवार रात मेरठ- खुर्जा रेलवे ट्रैक स्थित चांदसरा हाल्ट से खरखौदा स्टेशन के बीच में हाईवोल्टेज विद्युत लाइन का तार चोरी कर लिया। ट्रेन सोमवार तड़के ट्रैक से गुजरी तो चालक ने देखकर आरपीएफ हापुड़ को जानकारी दी। इसके चलते कई ट्रेन प्रभावित हुई। इसके बाद आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कई जगह दबिश दी है।
मेरठ-खुर्जा मार्ग का कई वर्ष पहले विद्युतीकरण हो चुका है। रेलवे ट्रैक पर इस समय राज्यरानी सहित कई एक्सप्रेस एवं पैंसेंजर ट्रेन गुजरती हैं। चोरों ने रविवार रात खरखौदा रेलवे स्टेशन से चांदसारा के बीच 25 हजार केवी की लाइन का करीब 50 मीटर तार चोरी कर लिया। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे मेरठ से हापुड़ की ओर जा रही मालगाड़ी वहां से गुजरी तो चालक ने ट्रैक पर पड़ा तार देखा तो मामले की सूचना आरपीएफ हापुड़ को दी। इस पर हापुड़ आरपीएफ एवं ओएचई टीम वहां पहुंची। टीम ने सुबह करीब सात बजे से रिपेयर किया। इसके चलते सुबह करीब चार बजे छूटने वाली राज्यरानी ट्रेन सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे छूटी। वहीं, सुबह 6 बजे मेरठ से छूटने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 9.30 बजे छूटी। मालगाड़ी चालक की सूचना पर आरपीएफ हापुड़ ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
हो सकता था बडा हादसा
सोमवार सुबह को मौके पर पहुंची एक्स्पर्ट टीम ने जानकारी देते हुये बताया कि हाई वोल्टेज लाइन के तार कटने से बडा हादसा हो सकता था। हांलाकि तार कटते ही कुछ ही सैकेंड में लाइन ऐटोमेटिक ट्रिप हो जाती है। लेकिन इस लाइन का तार इतना मजबूत होता है कि यदि किन्ही कारणों ने तार किसी ट्रैन में उलझ जाता तो टूटने के बजाय तार के खिचने से लाइन का विद्घुत पोल लाइन पर ही गिर सकता था जिसमें ट्रैन भी पलट सकती थी। जिससे बडा हादसा हो सकता था।
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आतंकी हमला तो नहीं
एक्स्पर्ट टीम ने बताया कि गणतंत्रता दिवस के एक दिन पहले यह एक आतंकी हमला भी हो सकता है। तार काटने से ट्रैन में बडा हादसा किया जा सकता है। इस हादसे में बडी घटना भी हो सकती थी।
ट्रैन लूट का भी प्रयास हो सकता है
यह किसी गैंग द्वारा ट्रैन लूट का भी प्रयास हो सकता है। यदि कोई भी एक्सप्रैस ट्रैन यदि ट्रैक पर है तथा लाइन का तार काट दिया जाये तो कुछ ही सैकेंड में लाइन ट्रिप हो जायेगी तथा ट्रैन जहां है वही पर रुक जायेेगी। यदि ट्रैन कहीं जंगल से गुजरी रही है तो उसे आसानी से लूटा जा सकता है।
कई स्थाना पर दबिश
जैसे ही तार चोरी का मामला हुआ तो आरपीएफ की टीम ने स्थानिय पुलिस के साथ क्षेत्र में डेरा डाल दिया। आरपीएफ ने कई स्थानों पर छापेमारी की है। लेकिन इस मामले में कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
सरजी इस मामले में जिला स्तर पर बात कर लेना
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। चोरों ने रविवार रात मेरठ- खुर्जा रेलवे ट्रैक स्थित चांदसरा हाल्ट से खरखौदा स्टेशन के बीच में हाईवोल्टेज विद्युत लाइन का तार चोरी कर लिया। ट्रेन सोमवार तड़के ट्रैक से गुजरी तो चालक ने देखकर आरपीएफ हापुड़ को जानकारी दी। इसके चलते कई ट्रेन प्रभावित हुई। इसके बाद आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कई जगह दबिश दी है।
मेरठ-खुर्जा मार्ग का कई वर्ष पहले विद्युतीकरण हो चुका है। रेलवे ट्रैक पर इस समय राज्यरानी सहित कई एक्सप्रेस एवं पैंसेंजर ट्रेन गुजरती हैं। चोरों ने रविवार रात खरखौदा रेलवे स्टेशन से चांदसारा के बीच 25 हजार केवी की लाइन का करीब 50 मीटर तार चोरी कर लिया। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे मेरठ से हापुड़ की ओर जा रही मालगाड़ी वहां से गुजरी तो चालक ने ट्रैक पर पड़ा तार देखा तो मामले की सूचना आरपीएफ हापुड़ को दी। इस पर हापुड़ आरपीएफ एवं ओएचई टीम वहां पहुंची। टीम ने सुबह करीब सात बजे से रिपेयर किया। इसके चलते सुबह करीब चार बजे छूटने वाली राज्यरानी ट्रेन सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे छूटी। वहीं, सुबह 6 बजे मेरठ से छूटने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 9.30 बजे छूटी। मालगाड़ी चालक की सूचना पर आरपीएफ हापुड़ ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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हो सकता था बडा हादसा
सोमवार सुबह को मौके पर पहुंची एक्स्पर्ट टीम ने जानकारी देते हुये बताया कि हाई वोल्टेज लाइन के तार कटने से बडा हादसा हो सकता था। हांलाकि तार कटते ही कुछ ही सैकेंड में लाइन ऐटोमेटिक ट्रिप हो जाती है। लेकिन इस लाइन का तार इतना मजबूत होता है कि यदि किन्ही कारणों ने तार किसी ट्रैन में उलझ जाता तो टूटने के बजाय तार के खिचने से लाइन का विद्घुत पोल लाइन पर ही गिर सकता था जिसमें ट्रैन भी पलट सकती थी। जिससे बडा हादसा हो सकता था।
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आतंकी हमला तो नहीं
एक्स्पर्ट टीम ने बताया कि गणतंत्रता दिवस के एक दिन पहले यह एक आतंकी हमला भी हो सकता है। तार काटने से ट्रैन में बडा हादसा किया जा सकता है। इस हादसे में बडी घटना भी हो सकती थी।
ट्रैन लूट का भी प्रयास हो सकता है
यह किसी गैंग द्वारा ट्रैन लूट का भी प्रयास हो सकता है। यदि कोई भी एक्सप्रैस ट्रैन यदि ट्रैक पर है तथा लाइन का तार काट दिया जाये तो कुछ ही सैकेंड में लाइन ट्रिप हो जायेगी तथा ट्रैन जहां है वही पर रुक जायेेगी। यदि ट्रैन कहीं जंगल से गुजरी रही है तो उसे आसानी से लूटा जा सकता है।
कई स्थाना पर दबिश
जैसे ही तार चोरी का मामला हुआ तो आरपीएफ की टीम ने स्थानिय पुलिस के साथ क्षेत्र में डेरा डाल दिया। आरपीएफ ने कई स्थानों पर छापेमारी की है। लेकिन इस मामले में कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
सरजी इस मामले में जिला स्तर पर बात कर लेना