Meerut News: किनौनी-मोहिउद्दीनपुर मिल पर 150 करोड़ बकाया, किसान परेशान
मेरठ की किनौनी और मोहिउद्दीन मिल किसानों का बकाया नहीं दे पाई है। मिल पर किसानों का अभी 150 करोड़ रुपए बकाया है।
विस्तार
मेरठ की किनौनी और मोहिउद्दीनपुर मिल किसानों को पिछले सत्र का गन्ना भुगतान नहीं कर पाई है। किनौनी पर 127 करोड़ और मोहिउद्दीनपुर मिल पर 24 करोड़ रुपये बकाया है। दोनों मिलों पर 150 करोड़ से अधिक का बकाया होने के बावजूद भुगतान में देरी हो रही है।
मोहिउद्दीनपुर मिल खराब होने के बाद से अब तक मिल शुरू नहीं हो पाई है। मिल गेट से गन्ने का उठान नहीं हो पा रहा है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों का 2.5 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खेत में ही खड़ा है। गेहूं की बुवाई तक शुरू नहीं हो पाई है। किसान भुगतान न होने के कारण खाद तक नहीं खरीद पा रहे हैं।
शहर में छह मिल हैं। इनमें से चार मिलों ने नए सत्र का भी भुगतान शुरू कर दिया है, लेकिन मोहिउद्दीनपुर और किनौनी मिल पिछले सत्र का भी भुगतान नहीं कर पाई हैं। मोहिउद्दीनपुर मिल में टरबाइन खराब होने के बाद से स्थिति और भी खराब हो गई है। किसान परेशान हैं। उनका गन्ना खेत में खड़ा है और गेहूं की बुवाई का समय बीतता जा रहा है।
कैसे होगी गेहूं की बुवाई
मोहिउद्दीनपुर मिल पर गन्ने की तौल भी नहीं हो रही है। भुगतान अटका पड़ा है। ऐसे में गेहूं की बुवाई कैसे होगी। - सतपाल सिंह, किसान
खाद खरीदने में हो रही परेशानी
हमें अभी तक पिछले सत्र का भी भुगतान नहीं मिल पाया है। ऐसे में नई फसल के लिए खाद खरीदने में परेशानी हो रही है। - योगेंद्र, किसान
नहीं हो रहा गन्ने का उठान
गन्ने का उठान समय से नहीं हो रहा है। शनिवार को मिल से मात्र 10 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी हुआ है। - संजय चौधरी, किसान
डीएम कार्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। मिल संचालन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सोमवार को डीएम कार्यालय पर किसान प्रदर्शन करेंगे। - अजय नेहरा, पूर्व चेयरमैन
नंगलामल और दौराला मिल ने किया 110 करोड़ का भुगतान
नंगलामल मिल पर किसानों का 70 करोड़ रुपये नए सत्र का है। इसमें मिल ने 47 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। दौराला मिल ने भी 24 नवंबर तक 63 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया है। उधर मवाना और सकौती मिल की ओर से भी भुगतान देना शुरू कर दिया गया है।
किनौनी और मोहिउद्दीनपुर मिल पर पिछले सत्र का बकाया है। लगातार भुगतान कराया जा रहा है। दिसंबर के आखिर तक पूरा भुगतान कराने की उम्मीद है। नए सत्र में भी कुछ मिलों ने भुगतान शुरू कर दिया है। -दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी, मेरठ