फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   होली तो खेलें मगर त्वचा का रखें ख्याल

होली तो खेलें मगर त्वचा का रखें ख्याल

Wed, 20 Mar 2019 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:30 AM IST
विज्ञापन
होली तो खेलें मगर त्वचा का रखें ख्याल

विज्ञापन
त्वचा और सेहत का ख्याल रख खेलें होली
- होली के रंगों की मिलावट कर सकती है बीमार
- हर्बल रंगों का करें प्रयोग, ईको फ्रैंडली मनाएं होली
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। होली के रंग त्वचा, आंख, बाल को खराब कर सकते हैं। रंगों में मरकरी सल्फाइड, कॉपर सल्फेट, क्रोमियम आयोडाइड, लेड, पारा, पिसा हुआ शीशा व कांच, बालू, मिट्टी, चीनी डस्ट, स्टोन डस्ट, डीजल व ग्रीस तक की मिलावट होती है। ये केमिकल और मिलावटी पदार्थ रंग के जरिए त्वचा पर चिपककर नुकसान पहुंचाते हैं। पानी में घुलने वाले रंगों में सूखे रंगों से अधिक केमिकल होते हैं। फिजिशियन तनुराज सिरोही के अनुसार चाइना रंग, पेंट कलर, डार्क कलर, ब्लैक ऑयल कलर अधिक खतरनाक हैं। अगर मुंह में रंग चला जाए तो फेफड़े और गुर्दे भी खराब हो सकते हैं।

इन रंगाें में है ये मिलावट
रंग- मिलावट- हानि
लाल- मरकरी सल्फाइड, शीशा- गुर्दे में खराबी व त्वचा की एलर्जी
काला- पारा, लेड ऑक्साइड- त्वचा का कैंसर
हरा- कॉपर सल्फेट- शरीर व चेहरे को नुकसान, आंखों की रोशनी जा सकती है
लैड ऑक्साइड- खराब इंजन ऑयल, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइड- त्वचा पर चकते दाने
गहरा गुलाबी- क्रोमियम आयोडाइड- अस्थमा, त्वचा पर फुंसिया
लाल गुलाल- मरकरी सल्फाइड- त्वचा का कैंसर
नीला- रशियन ब्लू- त्वचा में खुजली, संक्रमण
पीला- क्रोमियम आयोडाइड- सांस की एलर्जी
पर्सियन ब्लू- लेड केमिकल- त्वचा में चकतेे, त्वचा का उधड़ना
गोल्डन, सिल्वर, चमकीले रंग- एल्युमिनियम ब्रोमाइड- कैंसर

घर पर ऐसे बनाएं हर्बल रंग
गुलाब, गुड़हल, लाल स्याही के बीज व टेसू के फूलों, चुकंदर व अनार के रस से भी लाल रंग बना सकते हैं। गेंदे, सूरजमुखी, हल्दी, बेसन व केसर से पीला रंग बन सकता है। मेंहदी, मैथी के पत्ते, पालक के पत्ते व पत्तियों से हरा रंग बन सकता है। चंदन की लकड़ी का बुरादा भी प्रयोग कर सकते हैं। काला रंग काले अंगूरों के जूस को पानी में मिलाकर बना सकते हैँ। नीला रंग नीली गुलमोहर को आटे में मिलाकर बनाएं। केसरिया रंग टेसू के फूलों से बनाएं। भूरा रंग पान में प्रयोग होने वाले कत्थे को पीसकर पानी में मिलाकर बनाएं। इनसे बेहतर फूलों की होली खेलें। चंदन का टीका लगाएं। सूखा गुलाल लगाएं जिसे बाद में आसानी से सूखा ही झड़ा दें जो नुकसान नहीं देगा।
विज्ञापन


इन बातों का रखें ख्याल
. होली खेलने से पहले पूरे शरीर, बालों पर नारियल तेल, सरसों तेल, बादाम या जैतून का तेल लगाएं
. शरीर पर वॉटरप्रूफ मॉस्चुराइजर और सनस्क्रीन लगाएं
. नाखूनों पर नेलपेंट की मोटी परत लगा लें
. पूरे शरीर को ढंकने वाले सूती कपड़े पहनकर होली खेले
. हलके व हर्बल रंगों का ही प्रयोग करें
. रंग को बेहद आराम से जितना छूटे उतना ही छुटाएं, रगड़े नहीं, कपड़े धोने का साबुन, डिटरजेंट या मिट्टी तेल का प्रयोग न करें
. रंग छुड़ाने के लिए खीरा, टमाटर, आलू, बेसन, मूंग की दाल, चंदन, मलाई, दही का उबटन प्रयोग करें
. रंग छुड़ाने के बाद जलन हो तो आईस क्यूब या ठंडे टी बैग का प्रयोग करें
. काले, सिल्वर, गोल्डन रंगों का प्रयोग कतई न करें
. बच्चे, हृदय रोगी, त्वचीय रोगी, श्वांस रोगी होली न खेलें तो बेहतर है

केमिकल की मिलावट से कैंसर
रंगों के अधिक प्रयोग से त्वचा में जलन, बालों में रुखापन, त्वचा फटना, फुंसिया निकलना, जलन, चकते, एग्जिमा होना, त्वचा में रेशेज आने की शिकायत हो सकती है। यह सभी त्वचा के संक्रमण है जो आगे चलकर कैंसर का रूप भी ले सकता है। डॉ. रुचिका गुप्ता, त्वचा रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन


त्वचा, पेट, किडनी, फेफड़े पर प्रहार
रंग मुंह के जरिए पेट में जाकर किडनी को प्रभावित कर सकता है। आंखों में जाकर जलन दे सकता है। आंखों की रोशनी जा सकती है। वहीं नाक के जरिए फेफड़ों तक जाकर अस्थाई अस्थमा हो सकता है। सूखे रंगों में सिलिका होता है इन्हें भी कम प्रयोग करें। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed