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जीएसटी की दरें घटने से महिलाएं खुश
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:46 AM IST
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मेरठ। सरकार ने 178 सामानों पर अब जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी है। शैम्पू, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स, स्टेशनरी, चॉकलेट और च्यूइंगम पर भी कर की दर घटा दी है। जीएसटी में मिली कर की छूट से महिलाएं राहत में हैं। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी महंगाई से घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा था, वही बजट अब आसानी से बन सकेगा। बच्चों की पढ़ाई, किटी पार्टी का कंट्रीब्यूशन कम होगा। मेहमानों को होटल में डिनर कराने पर जेब ढीली नहीं होगी।
यह है दर
- 13 सामानों पर 18 से 12 प्रतिशत दर।
- 6 सामानों पर 18 से 5 प्रतिशत की दर।
- 8 आयटम पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत।
- 28 प्रतिशत के स्लैब में केवल 50 सामान ही बचे हैं।
बातचीत
महीने में दो बार जा पाएंगे होटल
सरकार ने होटल में खाना खाने पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी कर दिया था। खाने के बिल से ज्यादा जीएसटी राशि देनी पड़ती थी। लेकिन अब 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा तो खाने का बिल कम आएगा। अब मेहमानों क ो भी होटल में डिनर करा सकेंगे। -रेनू सक्सेना, रुड़की रोड
किटी ग्रुप में कंाट्रीब्यूशन से राहत
होटल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगते ही सारी किटी ग्रुप में ज्यादा कंाट्रीब्यूशन करना पड़ता था। क्योंकि स्नैक्स की जो प्लेट हमें पहले 200 में मिलती थी, जीएसटी लगने के बाद उसके दाम बढ़ गए। अब पार्टी का कांट्रीब्यूशन कम होने से राहत महसूस कर रही हूं। -रिनी रस्तोगी, जागृति विहार
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रोजमर्रा की चीजों में सुकून
वाशिंग पाउडर, डियो, प्लास्टिक प्रोडक्ट, शेविंग क्रीम, लोशन ऐसे सामान हैं जिनकी रोजाना जरूरत होती है। सफाई में सर्फ तो इस्तेमाल करना ही पड़ेगा। जीएसटी लगने से ये सारे सामान महंगे हो गए थे। सरकार ने इन चीजों पर कर की दर घटाकर राहत दी है। -शालिनी, शास्त्रीनगर
बच्चों के लिए चॉकलेट, टॉफी सस्ती
चॉकलेट, च्यूइगम जैसे रोजमर्रा के सामान जिनके बिना काम नहीं चल सकता ,उनको खरीदने के लिए अब सोचना नहीं पड़ेगा। जीएसटी लगने के बाद बच्चों के लिए चॉकलेट लेना भी कम कर दिया था। लेकिन अब टैक्स घटने से सुकून मिल रहा है। -मधु शर्मा, आम्रपाली
स्टेशनरी सस्ती
स्टेशनरी हर घर की जरूरत है। ऐसे में सरकार ने जीएसटी की महंगी दर लगाकर स्टेशनरी के दाम भी बढ़ा दिए। लेकिन अब हर उस व्यक्ति को आराम मिला है जिसके बच्चे पढ़ते हैं। स्टेशनरी तो जरूरी सामान है सस्ता होना चाएि। -श्रद्धा वर्मा, बागपत रोड
लग्जरी नहीं रोजमर्रा के सामान सस्ते करना अच्छा कदम
अच्छी बात यह है कि रसोई, पढ़ाई व सफाई में इस्तेमाल होने वाली घरेलू चीजों को सस्ता किया है। लग्जरी आयटमों पर कोई छूट नहीं दी है। यह बहुत अच्छा कदम है। अब हर आदमी आसानी से अपने लिए घर बना पाएगा। सौंदर्य प्रसाधन खरीदने के लिए सोचना नहीं पड़ेगा। पंकुल कपूर, शास्त्रीनगर
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यह है दर
- 13 सामानों पर 18 से 12 प्रतिशत दर।
- 6 सामानों पर 18 से 5 प्रतिशत की दर।
- 8 आयटम पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत।
- 28 प्रतिशत के स्लैब में केवल 50 सामान ही बचे हैं।
बातचीत
महीने में दो बार जा पाएंगे होटल
सरकार ने होटल में खाना खाने पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी कर दिया था। खाने के बिल से ज्यादा जीएसटी राशि देनी पड़ती थी। लेकिन अब 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा तो खाने का बिल कम आएगा। अब मेहमानों क ो भी होटल में डिनर करा सकेंगे। -रेनू सक्सेना, रुड़की रोड
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किटी ग्रुप में कंाट्रीब्यूशन से राहत
होटल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगते ही सारी किटी ग्रुप में ज्यादा कंाट्रीब्यूशन करना पड़ता था। क्योंकि स्नैक्स की जो प्लेट हमें पहले 200 में मिलती थी, जीएसटी लगने के बाद उसके दाम बढ़ गए। अब पार्टी का कांट्रीब्यूशन कम होने से राहत महसूस कर रही हूं। -रिनी रस्तोगी, जागृति विहार
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रोजमर्रा की चीजों में सुकून
वाशिंग पाउडर, डियो, प्लास्टिक प्रोडक्ट, शेविंग क्रीम, लोशन ऐसे सामान हैं जिनकी रोजाना जरूरत होती है। सफाई में सर्फ तो इस्तेमाल करना ही पड़ेगा। जीएसटी लगने से ये सारे सामान महंगे हो गए थे। सरकार ने इन चीजों पर कर की दर घटाकर राहत दी है। -शालिनी, शास्त्रीनगर
बच्चों के लिए चॉकलेट, टॉफी सस्ती
चॉकलेट, च्यूइगम जैसे रोजमर्रा के सामान जिनके बिना काम नहीं चल सकता ,उनको खरीदने के लिए अब सोचना नहीं पड़ेगा। जीएसटी लगने के बाद बच्चों के लिए चॉकलेट लेना भी कम कर दिया था। लेकिन अब टैक्स घटने से सुकून मिल रहा है। -मधु शर्मा, आम्रपाली
स्टेशनरी सस्ती
स्टेशनरी हर घर की जरूरत है। ऐसे में सरकार ने जीएसटी की महंगी दर लगाकर स्टेशनरी के दाम भी बढ़ा दिए। लेकिन अब हर उस व्यक्ति को आराम मिला है जिसके बच्चे पढ़ते हैं। स्टेशनरी तो जरूरी सामान है सस्ता होना चाएि। -श्रद्धा वर्मा, बागपत रोड
लग्जरी नहीं रोजमर्रा के सामान सस्ते करना अच्छा कदम
अच्छी बात यह है कि रसोई, पढ़ाई व सफाई में इस्तेमाल होने वाली घरेलू चीजों को सस्ता किया है। लग्जरी आयटमों पर कोई छूट नहीं दी है। यह बहुत अच्छा कदम है। अब हर आदमी आसानी से अपने लिए घर बना पाएगा। सौंदर्य प्रसाधन खरीदने के लिए सोचना नहीं पड़ेगा। पंकुल कपूर, शास्त्रीनगर