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पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान पड़ा ठप
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पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान पड़ा ठप
- लोकसभा चुनाव की वजह से अटका
- स्वास्थ्य विभाग की नौ गाड़ियां लगी थीं चुनाव में
- अगले चरण के मतदान में भी जा सकती हैं गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग और जिला मलेरिया विभाग के स्टाफ की ड्यूटी व नौ गाड़ियों के लोकसभा चुनाव में लगे होने के कारण पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान ठप पड़ गया है। सूत्रों का कहना है कि इन गाड़ियों को 18 अप्रैल से होने वाले दूसरे चरण के मतदान में भी भेजा जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान की प्रक्रिया नहीं हो पाएगी।
नगर में मच्छरों की भरमार है, मगर मलेरिया विभाग फॉगिंग नहीं करा पाया है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान मेरठ में था। स्टाफ के अलावा मलेरिया विभाग की दो गाड़ियां भी इस प्रक्रिया में लगाई गई थीं, जिस कारण वह फॉगिंग नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान चलाया हुआ है, मगर वह भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके तहत लाखों बच्चों को पल्स पोलियो की डोज दी जानी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव में स्टाफ और गाड़ियां लगीं होने केकारण दोनों ही अभियान अटक गए हैं। अब फिर से इन्हें शुरू करने की तैयारी है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर गाड़ियां अगले चरण के चुनाव में चली गई तो फिर परेशानी आएगी। वहीं, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि पहले चुनाव की ट्रेनिंग चल रही थी, इसके बाद मतदान के कारण फॉगिंग प्रभावित रही है।
सता रहा बीमारियों का डर
शहर हो या देहात मच्छरों की हर तरफ भरमार हैं, लेकिन फॉगिंग नहीं होने के कारण मलेरिया और डेंगू का खतरा मंडरा रहा है।
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- लोकसभा चुनाव की वजह से अटका
- स्वास्थ्य विभाग की नौ गाड़ियां लगी थीं चुनाव में
- अगले चरण के मतदान में भी जा सकती हैं गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग और जिला मलेरिया विभाग के स्टाफ की ड्यूटी व नौ गाड़ियों के लोकसभा चुनाव में लगे होने के कारण पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान ठप पड़ गया है। सूत्रों का कहना है कि इन गाड़ियों को 18 अप्रैल से होने वाले दूसरे चरण के मतदान में भी भेजा जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पल्स पोलियो और फॉगिंग अभियान की प्रक्रिया नहीं हो पाएगी।
नगर में मच्छरों की भरमार है, मगर मलेरिया विभाग फॉगिंग नहीं करा पाया है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान मेरठ में था। स्टाफ के अलावा मलेरिया विभाग की दो गाड़ियां भी इस प्रक्रिया में लगाई गई थीं, जिस कारण वह फॉगिंग नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान चलाया हुआ है, मगर वह भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके तहत लाखों बच्चों को पल्स पोलियो की डोज दी जानी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव में स्टाफ और गाड़ियां लगीं होने केकारण दोनों ही अभियान अटक गए हैं। अब फिर से इन्हें शुरू करने की तैयारी है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर गाड़ियां अगले चरण के चुनाव में चली गई तो फिर परेशानी आएगी। वहीं, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि पहले चुनाव की ट्रेनिंग चल रही थी, इसके बाद मतदान के कारण फॉगिंग प्रभावित रही है।
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सता रहा बीमारियों का डर
शहर हो या देहात मच्छरों की हर तरफ भरमार हैं, लेकिन फॉगिंग नहीं होने के कारण मलेरिया और डेंगू का खतरा मंडरा रहा है।