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काली नदी पर जांच के लिए पहुंची टीम

Mon, 04 Feb 2019 01:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 01:50 AM IST
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काली नदी पर जांच के लिए पहुंची टीम
काली नदी का तकनीकी अध्ययन शुरू
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- लखनऊ विवि व एनबीआरआई की टीम पहुंची मेरठ
- गांवों का किया भ्रमण, मिट्टी, पानी, फसल के नमूने लिए
मेरठ। काली नदी के तकनीकी अध्ययन के लिए रविवार को टीम मेरठ पहुंची। बाबा भीमराव आंबेडकर विवि लखनऊ के पर्यावरण विभाग व सीएसआईआर के नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) की टीम के सदस्य आए। नीर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमन त्यागी के साथ टीम सदस्य भानु प्रताप व संपूर्णानंद ने काली नदी के किनारे गांव जलालपुर, घोसीपुर का दौरा किया। तकनीकी अध्ययन का उद्देश्य नदी के पानी से सिंचाई के होने वाले दुष्प्रभावों को जांचना है। टीम ने गांवों में जाकर ग्रामीणों से वार्तालाप किया। दूषित जल के नमूने भी लिए। काली नदी मुजफ्फरनगर से शुरू होकर मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़ से आगे कन्नौज तक जाती है। नदी के किनारे करीब 1200 गांव बसे हैं। इन गांवों के किसान नदी के प्रदूषित पानी से ही अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। इस पानी से फसल जल्दी व अच्छी तो होती है लेकिन उसकी गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसल के साथ-साथ कृषि मिट्टी पर भी इसके दुष्परिणाम हो रहे हैं। नदी किनारे अधिकतर सब्जियां उगाई जा रही हैं। इन खाद्य पदार्थों को खाने से मानव स्वास्थ्य व पशुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव हो रहे हैं। लगातार देखा जा रहा है कि इन गांवों में बीमारियां बढ़ रही हैं। टीम चार महीने तक स्टडी कर अपनी रिपोर्ट देगी। यह रिसर्च रिपोर्ट केंद्र सरकार क ो दी जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता शुभम कौशिक भी मौजूद रहे।
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