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संघ से रूट को लेकर समन्वय नहीं बना पाया प्रशासन
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:28 AM IST
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रूट को लेकर संघ और प्रशासन में समन्वय नहीं
- नोएडा और गाजियाबाद के स्वयंसेवक आएंगे वाया हापुड़
- दिल्ली मार्ग से मुरादनगर व मोदीनगर के स्वयंसेवक आएंगे
- नोएडा व गाजियाबाद के स्वयंसेवकों का भोजन हापुड़ रोड पर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
रूट डायवर्जन को लेकर प्रशासन की लेटलतीफी और संघ परिवार से समन्वय न बनाने का खमियाजा स्वयंसेवकों को उठाना पड़ेगा। वजह दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति को देखते हुए नोएडा व गाजियाबाद के स्वयंसेवकों ने हापुड़ रोड से आना तय किया था। जबकि एक सप्ताह पूर्व पुलिस प्रशासन ने दिल्ली रोड पर रूट डायवर्ट कर खाली कराने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन संघ की पहले से की गई तैयारी के चलते इसका ज्यादा फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। इस मार्ग से अब सिर्फ मुरादनगर व मोदीनगर के ही स्वयंसेवक आएंगे।
संघ परिवार राष्ट्रोदय की तैयारी में छह माह से लगा है। 10 दिसबर को भूमि पूजन के दौरान आरएसएस नेतृत्व ने बता दिया था कि मेरठ आने वाले सभी 9 प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 किमी दूर भोजन वितरण केंद्र स्थापित किये जाएंगे। हर जनपद की तैयारियों की समीक्षा के बाद मिले इनपुट से पता चला कि दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति को देखते हुए गाजियाबाद और नोएडा के स्वयंसेवकों ने हापुड़ की तरफ से मेरठ आने का रूट तय किया। इसके बाद संघ परिवार ने उनके भोजन की व्यवस्था हापुड़ रोड पर कर दी। इन दोनों जनपदों से करीब 25 हजार स्वयंसेवक आएंगे। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व 18 फरवरी को अपना रूट प्लान जारी किया। इसमें दिल्ली से मेरठ आने वाले मार्ग पर भारी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन अब इस रूट प्लान का फायदा स्वयंसेवकों को मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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- नोएडा और गाजियाबाद के स्वयंसेवक आएंगे वाया हापुड़
- दिल्ली मार्ग से मुरादनगर व मोदीनगर के स्वयंसेवक आएंगे
- नोएडा व गाजियाबाद के स्वयंसेवकों का भोजन हापुड़ रोड पर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
रूट डायवर्जन को लेकर प्रशासन की लेटलतीफी और संघ परिवार से समन्वय न बनाने का खमियाजा स्वयंसेवकों को उठाना पड़ेगा। वजह दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति को देखते हुए नोएडा व गाजियाबाद के स्वयंसेवकों ने हापुड़ रोड से आना तय किया था। जबकि एक सप्ताह पूर्व पुलिस प्रशासन ने दिल्ली रोड पर रूट डायवर्ट कर खाली कराने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन संघ की पहले से की गई तैयारी के चलते इसका ज्यादा फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। इस मार्ग से अब सिर्फ मुरादनगर व मोदीनगर के ही स्वयंसेवक आएंगे।
संघ परिवार राष्ट्रोदय की तैयारी में छह माह से लगा है। 10 दिसबर को भूमि पूजन के दौरान आरएसएस नेतृत्व ने बता दिया था कि मेरठ आने वाले सभी 9 प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 किमी दूर भोजन वितरण केंद्र स्थापित किये जाएंगे। हर जनपद की तैयारियों की समीक्षा के बाद मिले इनपुट से पता चला कि दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति को देखते हुए गाजियाबाद और नोएडा के स्वयंसेवकों ने हापुड़ की तरफ से मेरठ आने का रूट तय किया। इसके बाद संघ परिवार ने उनके भोजन की व्यवस्था हापुड़ रोड पर कर दी। इन दोनों जनपदों से करीब 25 हजार स्वयंसेवक आएंगे। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व 18 फरवरी को अपना रूट प्लान जारी किया। इसमें दिल्ली से मेरठ आने वाले मार्ग पर भारी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन अब इस रूट प्लान का फायदा स्वयंसेवकों को मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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