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पांच मुस्लिम बहुल नगर पंचायतों में भाजपा की अग्निपरीक्षा
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:38 AM IST
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पांच मुस्लिम बहुल नगर पंचायतों पर भाजपा की अग्निपरीक्षा
- भाजपा ने सात मुस्लिम बहुल नगर पंचायतों में से पांच में उतारे हैं अध्यक्ष पद प्रत्याशी
- सरधना नगर पालिका में भी होनी है भाजपा की परीक्षा
- भाजपा का गणित पार्टी की परंपरागत वोट के साथ प्रत्याशी के समाज की वोट दिला सकती है जीत
मेरठ।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने 14 निकायों में प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इनमें पांच नगर पंचायत ऐसी हैं जो मुस्लिम बहुल हैं और भाजपा ने पहली बार प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। ऐसे में इन नगर पंचायतों में भाजपा की अग्निपरीक्षा होनी है। क्याेंकि यहां हार जीत के साथ भाजपा प्रत्याशी कितने वोट हासिल कर पाते हैं? इस पर भी सबकी नजरें होंगी।
जनपद में एक नगर निगम, दो नगर पालिका सहित इस बार 13 नगर पंचायत हैं। इन नगर पंचायतों में सात नगर पंचायत पूरी तरह मुस्लिम बहुल हैं। लेकिन भाजपा ने किठौर और हर्रा में प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। ऐसे में फलावदा, शाहजहांपुर, सिवालखास, खिवाई और लावड़ में भाजपा की परीक्षा होनी है। इसके अलावा सरधना नगर पालिका भी लगभग ऐसी ही स्थिति में है, क्योंकि यहां पर भी हिंदू आबादी से ज्यादा मुस्लिम आबादी है।
नगर पंचायतों की अगर बात करें तो लावड़ और फलावदा भले ही मुस्लिम बहुल हों, लेकिन यहां पर भाजपा ने हिंदू कार्ड खेला है। जबकि सिवालखास, शाजहांपुर और खिवाई में भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशी ही मैदान में उतारे हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ें उठाकर देखें तो इन नगर पंचायतों में भाजपा को हमेशा दूसरे प्रत्याशियों से कम ही वोट हासिल हुए हैं। यह बात अलग है कि सरधना विधानसभा क्षेत्र की फलावदा और लावड़ नगर पंचायत में इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा पहले की तुलना में ज्यादा वोट मिले। लेकिन स्थानीय स्तर के इस चुनाव में सिंबल का कितना प्रभाव भाजपा डाल पायेगी? इस पर नजर है। वहीं दूसरी तरफ जहां मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं, वहां पर भाजपा थिंक टैंक का सोचना है कि प्रत्याशी जहां अपनी व्यक्तिगत पकड़ के सहारे अपने समुदाय की वोट लेगा तो भाजपा का उस नगर पंचायत में परंपरागत वोट एकजुट होकर उसके पक्ष में मतदान करेगा। ऐसे में भाजपा यहां पर मजबूत स्थिति में होगी।
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- भाजपा ने सात मुस्लिम बहुल नगर पंचायतों में से पांच में उतारे हैं अध्यक्ष पद प्रत्याशी
- सरधना नगर पालिका में भी होनी है भाजपा की परीक्षा
- भाजपा का गणित पार्टी की परंपरागत वोट के साथ प्रत्याशी के समाज की वोट दिला सकती है जीत
मेरठ।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने 14 निकायों में प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इनमें पांच नगर पंचायत ऐसी हैं जो मुस्लिम बहुल हैं और भाजपा ने पहली बार प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। ऐसे में इन नगर पंचायतों में भाजपा की अग्निपरीक्षा होनी है। क्याेंकि यहां हार जीत के साथ भाजपा प्रत्याशी कितने वोट हासिल कर पाते हैं? इस पर भी सबकी नजरें होंगी।
जनपद में एक नगर निगम, दो नगर पालिका सहित इस बार 13 नगर पंचायत हैं। इन नगर पंचायतों में सात नगर पंचायत पूरी तरह मुस्लिम बहुल हैं। लेकिन भाजपा ने किठौर और हर्रा में प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। ऐसे में फलावदा, शाहजहांपुर, सिवालखास, खिवाई और लावड़ में भाजपा की परीक्षा होनी है। इसके अलावा सरधना नगर पालिका भी लगभग ऐसी ही स्थिति में है, क्योंकि यहां पर भी हिंदू आबादी से ज्यादा मुस्लिम आबादी है।
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नगर पंचायतों की अगर बात करें तो लावड़ और फलावदा भले ही मुस्लिम बहुल हों, लेकिन यहां पर भाजपा ने हिंदू कार्ड खेला है। जबकि सिवालखास, शाजहांपुर और खिवाई में भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशी ही मैदान में उतारे हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ें उठाकर देखें तो इन नगर पंचायतों में भाजपा को हमेशा दूसरे प्रत्याशियों से कम ही वोट हासिल हुए हैं। यह बात अलग है कि सरधना विधानसभा क्षेत्र की फलावदा और लावड़ नगर पंचायत में इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा पहले की तुलना में ज्यादा वोट मिले। लेकिन स्थानीय स्तर के इस चुनाव में सिंबल का कितना प्रभाव भाजपा डाल पायेगी? इस पर नजर है। वहीं दूसरी तरफ जहां मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं, वहां पर भाजपा थिंक टैंक का सोचना है कि प्रत्याशी जहां अपनी व्यक्तिगत पकड़ के सहारे अपने समुदाय की वोट लेगा तो भाजपा का उस नगर पंचायत में परंपरागत वोट एकजुट होकर उसके पक्ष में मतदान करेगा। ऐसे में भाजपा यहां पर मजबूत स्थिति में होगी।
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