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सफाई कर्मियों का नगर निगम में धरना
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:16 AM IST
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सफाई कर्मचारियों ने दिया नगर निगम में धरना
मेरठ। शहर के विस्तार के साथ-साथ सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने, काफी वर्षों से शहर में सफाई का काम करने वाले 2215 सफाई कर्मियों की संविदा बहाल करने और कर्मचारियों को अलकनंदा के समय काटा गया पीएफ दिलाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ ने नगर निगम में धरना दिया। साथ ही एक ज्ञापन महापौर सुनीता वर्मा और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी को सौंपा।
सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदोला, विनोद महरोल, दीपक मनोठिया, विनेश विद्यार्थी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी दिन निकलते ही शहर की सफाई में जुट जाते हैं, उसके बाद भी सफाई कर्मचारियों को अधिकार नहीं मिल रहे हैं। महानगर 80 से 90 वार्डों में बंट गया है। लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। जिसका असर सीधे शहर की सफाई पर पड़ना तय है। पूर्व की उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी वर्षों से निगम में सफाई का काम करने वाले 2215 सफाई कर्मियों की संविदा निरस्त कर दी। जो सीधे-सीधे कर्मचारियों के साथ अन्याय रहा। आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मियों की संविदा बहाल की जाए। पीएफ की धनराशि दिलाई जाए। महानगर में आउट सोर्सिंग पर सफाई कराने वाली कंपनियों से पीएफ, ईएसआईसी कार्ड, इलाज के लिए संबंधित अस्पतालों की सूची कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाए। धरने पर विनोद चंदोला, मनोज, प्रवीन आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
महापौर और अपर नगरायुक्त को सौंपा ज्ञापन
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मेरठ। शहर के विस्तार के साथ-साथ सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने, काफी वर्षों से शहर में सफाई का काम करने वाले 2215 सफाई कर्मियों की संविदा बहाल करने और कर्मचारियों को अलकनंदा के समय काटा गया पीएफ दिलाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ ने नगर निगम में धरना दिया। साथ ही एक ज्ञापन महापौर सुनीता वर्मा और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी को सौंपा।
सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदोला, विनोद महरोल, दीपक मनोठिया, विनेश विद्यार्थी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी दिन निकलते ही शहर की सफाई में जुट जाते हैं, उसके बाद भी सफाई कर्मचारियों को अधिकार नहीं मिल रहे हैं। महानगर 80 से 90 वार्डों में बंट गया है। लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। जिसका असर सीधे शहर की सफाई पर पड़ना तय है। पूर्व की उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी वर्षों से निगम में सफाई का काम करने वाले 2215 सफाई कर्मियों की संविदा निरस्त कर दी। जो सीधे-सीधे कर्मचारियों के साथ अन्याय रहा। आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मियों की संविदा बहाल की जाए। पीएफ की धनराशि दिलाई जाए। महानगर में आउट सोर्सिंग पर सफाई कराने वाली कंपनियों से पीएफ, ईएसआईसी कार्ड, इलाज के लिए संबंधित अस्पतालों की सूची कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाए। धरने पर विनोद चंदोला, मनोज, प्रवीन आदि मुख्य रहे।
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खास बातें:
महापौर और अपर नगरायुक्त को सौंपा ज्ञापन