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कई बड़े बिल्डरों के बड़े कारनामे सामने आए

Mon, 13 Nov 2017 02:54 AM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 02:54 AM IST
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कई बड़े बिल्डरों के बड़े कारनामे सामने आए
मेरठ। अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने कहा कि कुछ लोग रेरा की वेबसाइट पर गलत जानकारियां भर रहे हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। गलत सूचनाएं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लिहाजा सही सूचनाएं भरें। उन्होंने बताया कि कई बड़े बिल्डरों के बड़े कारनामे सामने आए हैं।
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मेरठ में चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में पहुंचे मुकुल सिंघल ने बताया कि रेरा पर 650 शिकायतें आई हैं। इनमें साढ़े चार सौ शिकायतें नोएडा और ग्रेटर नोएडा से हैं। बाकी 200 शिकायतें दूसरी जगहों से हैं। इनमें 80 से 90 शिकायतें लखनऊ से हैं। कई जगह से पांच-पांच शिकायतें भी हैं। कुछ जगह से एक भी शिकायत नहीं है।
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उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की शिकायत है कि मेरठ की शिकायतों की जांच आगरा विकास प्राधिकरण के अफसर कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि वहां जांच सही नहीं होगी। अगर कोई गलत करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ऑनलाइन शिकायतों का रिकॉर्ड होता है। ऑनलाइन सुनवाई के लिए उन्होंने अधिकारियों को नामित किया है। सुनवाई होने के बाद निर्णय भी ऑनलाइन ही होगा। इसके लिए ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर बनाया गया है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों में न आना पड़े।
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बिल्डरों को खराब इमेज सुधारनी होगी
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिल्डरों को अपनी इमेज सुधारनी होगी। बिल्डरों की ऐसी इमेज बन गई है कि अगर कोई बिल्डरों के हक में बात कहे तो कहा जाता है कि आप भी बिल्डरों के साथ हैं, यानि बिल्डर को बदमाश समझा जाता है। हो सकता है कि एक-दो बिल्डरों की वजह से ऐसी इमेज बनी हो। लेकिन इसे बदलना होगा।
यूपी में साढ़े 12 करोड़ ने देखी रेरा की वेबसाइट
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसा लगता है कि रेरा देर से लागू हो पाया। आंकड़े बताते हैं कि रेरा की वेबसाइट यूपी में सबसे ज्यादा देखी जाती है। यहां करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने रेरा की वेबसाइट देखी है, जबकि हरियाणा में 10 लाख लोगों ने, जबकि मध्यप्रदेश में 9.8 लाख लोगों ने।
उत्तर प्रदेश में रीयल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के तहत करीब 2400 परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं। महाराष्ट्र यहां से आगे हैं, वहां 13 हजार परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गफ्फार मार्केट से सामान खरीदते हैं, जो सस्ता होता है। लेकिन उसकी गारंटी नहीं होती, जबकि कुछ लोग मंहगा खरीदते हैं। लेकिन उसकी गारंटी होती है, ये व्यक्ति पर डिपेंड करता है। रेरा की वेबसाइट 365 दिन खुली हुई है।
डेवलपर्स को दी जाएगी रेटिंग
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि डेवलपर्स के लिए अब रेटिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह रेटिंग पब्लिक के लिए किए गए कार्यों के हिसाब से होगी। रेरा में यह ऑप्शन है जो डेवलपर्स की रेटिंग भी बताएगा। लेकिन रेरा में यह व्यवस्था शुरू में होने में अभी दो-तीन साल का समय लग जाएगा।
मेरठ आकर अच्छा लगा
अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने कहा कि वे मेरठ में 28-30 साल बाद आए हैं। यहां आकर अच्छा लगता है। ऐसी अनुभूति होती है कि अपनों के बीच आ गया हूं। उन्होंने रेरा और जीएसटी को लेकर सवाल करने वाले कारोबारियों और जवाब देने वाले अधिकारियों की भी सराहना की। यहां का आम बहुत अच्छा है।

प्रधानमंत्री आवासीय योजना की तारीफ की
अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवासीय योजना की तारीफ करते हुए कहा कि यह अहम योजना है। इससे रीयल एस्टेट के कारोबार में जान आ सकती है। ये प्रदेश के लिए अच्छा है।
खास बात
- मेरठ आए अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने कहा
- रेरा की वेबसाइट पर भर रहे गलत जानकारी, होगी कार्रवाई
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