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नवाबगढी में मदरसा बदरुल उलूम में सालाना जलसे का आयोजन
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दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम दिलाने पर जोर
सरधना। नवाबगढ़ी गांव स्थित मदरसा बदरुल उलूम में रविवार को सालाना जलसा हुआ। उलेमाओं ने दुनिया की चकाचौंध के कारण युवाओं दीन की राह से भटकना बताया।
जलसे में कारी अब्दुल रहमान ने फरमाया कि वर्तमान में मुसलमान दुनिया के सुख साधन के पीछे भाग रहा है। दुनिया की चकाचौंध में वह अपने मकसद से भटकता जा रहा हैं। मुसलमान की असली जिंदगी दुनिया नहीं आखरत है। इसलिए मुसलमान कुरान की रोशनी में जिंदी बिताए। मौलाना मुस्तकीम ने कहा कि कुरान की रोशनी में जीवन बिताने वाला ही दुनिया और आखरत में कामयाब हो सकता है। कारी नफीस ने कहा कि हमें झूठ और गलत कामों से बचना चाहिए। नबी की सुन्नतों में सच्चाई है। कारी रकीब ने जलसे में कहा कि मुसलमान देखा देख निकाह आदि में फिजूल खर्च कर रहा है। निकाह में फालतू खर्च करने के बजाए जरूरतमंदों का पेट भरने व देश की तरक्की में लगायें। तुम्हारी कमाई पर केवल तुम्हारा ही हक नहीं है। उलेमाओं ने मुसलमानों से अपने बच्चों को दुनिया के साथ दीनी तालीम दिलाने पर जोर दिया। जलसे में सरधना देहात प्रधान पति सैय्यद मुमताज अली ने 51 हजार रुपये दिए। किए। इसी में चार उस्ताद हाफिज तथा हिफ्ज करने वो दो बच्चों को एक-एक हजार रुपये देकर हौसला अफजाई की। अंत में मुल्क के अमनो अमान की दुआ कराई गई। इस मौके पर हसन अंसारी, एहसान, सत्तार अंसारी, अशरफ खान, साजिद अंसारी, अय्यूब अंसारी, हसीन अंसारी, आबिद, आस मोहम्मद, दिलशाद व मेहरदीन आदि मौजूद रहे।
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सरधना। नवाबगढ़ी गांव स्थित मदरसा बदरुल उलूम में रविवार को सालाना जलसा हुआ। उलेमाओं ने दुनिया की चकाचौंध के कारण युवाओं दीन की राह से भटकना बताया।
जलसे में कारी अब्दुल रहमान ने फरमाया कि वर्तमान में मुसलमान दुनिया के सुख साधन के पीछे भाग रहा है। दुनिया की चकाचौंध में वह अपने मकसद से भटकता जा रहा हैं। मुसलमान की असली जिंदगी दुनिया नहीं आखरत है। इसलिए मुसलमान कुरान की रोशनी में जिंदी बिताए। मौलाना मुस्तकीम ने कहा कि कुरान की रोशनी में जीवन बिताने वाला ही दुनिया और आखरत में कामयाब हो सकता है। कारी नफीस ने कहा कि हमें झूठ और गलत कामों से बचना चाहिए। नबी की सुन्नतों में सच्चाई है। कारी रकीब ने जलसे में कहा कि मुसलमान देखा देख निकाह आदि में फिजूल खर्च कर रहा है। निकाह में फालतू खर्च करने के बजाए जरूरतमंदों का पेट भरने व देश की तरक्की में लगायें। तुम्हारी कमाई पर केवल तुम्हारा ही हक नहीं है। उलेमाओं ने मुसलमानों से अपने बच्चों को दुनिया के साथ दीनी तालीम दिलाने पर जोर दिया। जलसे में सरधना देहात प्रधान पति सैय्यद मुमताज अली ने 51 हजार रुपये दिए। किए। इसी में चार उस्ताद हाफिज तथा हिफ्ज करने वो दो बच्चों को एक-एक हजार रुपये देकर हौसला अफजाई की। अंत में मुल्क के अमनो अमान की दुआ कराई गई। इस मौके पर हसन अंसारी, एहसान, सत्तार अंसारी, अशरफ खान, साजिद अंसारी, अय्यूब अंसारी, हसीन अंसारी, आबिद, आस मोहम्मद, दिलशाद व मेहरदीन आदि मौजूद रहे।