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स्वास्थ विभाग के पास स्वाइन फ्लू से निपटने की आधी अधूरी तैयारी
Updated Thu, 03 Aug 2017 02:58 AM IST
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मेरठ। एक तरफ स्वाइन फ्लू का हमला जारी है, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के पास इसकी एच1एन1 की वैक्सीन ही नहीं है। न ही पर्याप्त मास्क और पीपी किट हैं। मास्क और पीपी किट के लिए सीएमओ को दोबारा इंडेंट (मांग पत्र) भेजना पड़ा है। हालांकि वैक्सीन की मांग अब भी नहीं की गई है।
पिछले ढाई माह में मेरठ में 20 मरीजों की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुुष्टि हो चुकी है, इनमें से 13 मरीज मेरठ की ही रहने वाले हैं, जबकि सात दूसरे जिलों से हैं। इनमें से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें से एक मेरठ और दो दूसरे जिलों से संबंधित थे। इसकेबावजूद स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एच1एन1 की वैक्सीन पिछले साल केबाद आई ही नहीं है। इसके अलावा महज 20 मास्क हैं, जबकि इनकी तादाद 100 से ज्यादा होनी चाहिए।
सीएमओ कार्यालय स्थित दवा विभाग के प्रभारी का कहना है कि वैक्सीन सितंबर-अक्तूबर माह में आती है, क्योंकि अक्तूबर से मार्च माह तक स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा रहता है। अब सितंबर और अक्तूबर में ही इसकी वैक्सीन आएगी। हालांकि उनका दावा है कि टैमी फ्लू की दवाइयां यहां पर्याप्त मात्रा में मंगा ली गई हैं। करीब साढ़े पांच हजार टैमी फ्लू की टेबलेट हैं। गौरतलब है कि अमूमन सर्दियों में फैलने वाले स्वाइन फ्लू ने इस बार गर्मियों में ही दस्तक दे दी है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग अभी तक पूरी तैयारी नहीं कर पाया है।
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स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत
मेरठ। मेरठ में भर्ती रहे एक महिला मरीज की स्वाइन फ्लू से दिल्ली में मौत हो गई है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह महिला मरीज बुलंदशहर की रहने वाली थी। मेरठ में निजी अस्पताल में भर्ती रही थी, यहां ही इसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी, जिसे बाद में दिल्ली रेफर कर दिया गया था। बुधवार सुबह इसकी मौत की सूचना आई है। सीएमओ कार्यालय से डॉक्टर रचना टंडन इस केस को फॉलो कर रही थीं।
खास बात
- स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए वैक्सीन नहीं, मास्क भी सिर्फ 20
- सीएमओ ने दोबारा भेजा मांग पत्र, 20 लोगों को हो चुकी स्वाइन फ्लू की पुष्टि
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पिछले ढाई माह में मेरठ में 20 मरीजों की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुुष्टि हो चुकी है, इनमें से 13 मरीज मेरठ की ही रहने वाले हैं, जबकि सात दूसरे जिलों से हैं। इनमें से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें से एक मेरठ और दो दूसरे जिलों से संबंधित थे। इसकेबावजूद स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एच1एन1 की वैक्सीन पिछले साल केबाद आई ही नहीं है। इसके अलावा महज 20 मास्क हैं, जबकि इनकी तादाद 100 से ज्यादा होनी चाहिए।
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सीएमओ कार्यालय स्थित दवा विभाग के प्रभारी का कहना है कि वैक्सीन सितंबर-अक्तूबर माह में आती है, क्योंकि अक्तूबर से मार्च माह तक स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा रहता है। अब सितंबर और अक्तूबर में ही इसकी वैक्सीन आएगी। हालांकि उनका दावा है कि टैमी फ्लू की दवाइयां यहां पर्याप्त मात्रा में मंगा ली गई हैं। करीब साढ़े पांच हजार टैमी फ्लू की टेबलेट हैं। गौरतलब है कि अमूमन सर्दियों में फैलने वाले स्वाइन फ्लू ने इस बार गर्मियों में ही दस्तक दे दी है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग अभी तक पूरी तैयारी नहीं कर पाया है।
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स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत
मेरठ। मेरठ में भर्ती रहे एक महिला मरीज की स्वाइन फ्लू से दिल्ली में मौत हो गई है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह महिला मरीज बुलंदशहर की रहने वाली थी। मेरठ में निजी अस्पताल में भर्ती रही थी, यहां ही इसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी, जिसे बाद में दिल्ली रेफर कर दिया गया था। बुधवार सुबह इसकी मौत की सूचना आई है। सीएमओ कार्यालय से डॉक्टर रचना टंडन इस केस को फॉलो कर रही थीं।
खास बात
- स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए वैक्सीन नहीं, मास्क भी सिर्फ 20
- सीएमओ ने दोबारा भेजा मांग पत्र, 20 लोगों को हो चुकी स्वाइन फ्लू की पुष्टि