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शाहिद की मीट फैक्ट्री सरकारी जमीन पर : पहल
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:07 AM IST
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मेरठ। सामाजिक संस्था सच के संस्थापक संदीप पहल ने आरोप लगाया है कि पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की मीट फैक्ट्री हैंडलूम कांप्लेक्स की जमीन पर अवैध रूप से खड़ी की गई है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, शाहिद अखलाक ने पलटवार करते हुए कहा है कि संदीप पहले अपनी जानकारी पुख्ता कर लें। यह जमीन सरकार से नीलामी में खरीदी गई है और बाकायदा उसकी रजिस्ट्री की गई है।
बृहस्पतिवार को संदीप पहल ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि शाहिद अखलाक का हापुड़ रोड अल्लीपुर स्थित अल साकिब एक्सपोर्ट प्रा. लि. नाम से जो मीट प्लांट है, वह अवैध है। यह हैंडलूम कांप्लेक्स की जमीन है और किसानों से भू अर्जन कर यह जमीन हैंडलूम इस्टेट लिमिटेड को कांप्लेक्स के लिए दी गई थी। फर्जीवाड़ा कर इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया और मीट प्लांट लगा दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 40 करोड़ रुपये की इस 55 बीघा जमीन पर बीस साल से अवैध कब्जा है। संदीप के मुताबिक शर्त यह थी कि हैंडलूम कांप्लेक्स का निर्माण सात वर्षों में पूरा करना होगा। समय से काम पूरा न होने की दशा में समस्त भूमि स्वत: ही सरकार प्रथम पक्ष में निहित हो जाएगी। इस मामले में पूर्व में जांच भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस नियम के अनुसार यह जमीन बीस साल पहले ही सरकार में निहित हो चुकी है। उन्होंने यहां मीट फैक्ट्री बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर की मांग की। कहा कि अब इस फैक्ट्री का नक्शा पास करने के लिए शमन का खेल एमडीए में भी चल रहा है। इस मौके पर देवेंद्र प्रताप, नीरज अरोड़ा, अजय जैन आदि मौजूद रहे।
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शाहिद बोले, सरकार ने नीलाम की मैंने खरीद ली
इस प्रकरण में शाहिद अखलाक का कहना है कि संदीप को पहले अपनी जानकारी पुख्ता करनी चाहिए। शाहिद के मुताबिक यह बात सही है कि यह जमीन प्रदेश सरकार ने हैंडलूम इंडस्ट्रियल इस्टेट को दी थी और उन्होंने यहां फैक्ट्री भी लगाई। इसके लिए उप्र फाइनेंस कारपोरेशन से ऋण लिया गया था। नियत समय पर ऋण न चुकाने के कारण प्रदेश सरकार ने इस जमीन को कुर्क कर नीलाम कर दिया। उन्होंने नीलामी में यह जमीन खरीदी और बाकायदा इसकी रजिस्ट्री की गई। उनके पास इसके पूरे दस्तावेज हैं।
खास बात
- सच संस्था के संस्थापक संदीप पहल ने प्रेस वार्ता में लगाए आरोप
- शाहिद अखलाक का पलटवार, जानकारी पुख्ता करें संदीप, मैंने सरकार से नीलामी में खरीदी यह जमीन
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बृहस्पतिवार को संदीप पहल ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि शाहिद अखलाक का हापुड़ रोड अल्लीपुर स्थित अल साकिब एक्सपोर्ट प्रा. लि. नाम से जो मीट प्लांट है, वह अवैध है। यह हैंडलूम कांप्लेक्स की जमीन है और किसानों से भू अर्जन कर यह जमीन हैंडलूम इस्टेट लिमिटेड को कांप्लेक्स के लिए दी गई थी। फर्जीवाड़ा कर इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया और मीट प्लांट लगा दिया गया।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 40 करोड़ रुपये की इस 55 बीघा जमीन पर बीस साल से अवैध कब्जा है। संदीप के मुताबिक शर्त यह थी कि हैंडलूम कांप्लेक्स का निर्माण सात वर्षों में पूरा करना होगा। समय से काम पूरा न होने की दशा में समस्त भूमि स्वत: ही सरकार प्रथम पक्ष में निहित हो जाएगी। इस मामले में पूर्व में जांच भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस नियम के अनुसार यह जमीन बीस साल पहले ही सरकार में निहित हो चुकी है। उन्होंने यहां मीट फैक्ट्री बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर की मांग की। कहा कि अब इस फैक्ट्री का नक्शा पास करने के लिए शमन का खेल एमडीए में भी चल रहा है। इस मौके पर देवेंद्र प्रताप, नीरज अरोड़ा, अजय जैन आदि मौजूद रहे।
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शाहिद बोले, सरकार ने नीलाम की मैंने खरीद ली
इस प्रकरण में शाहिद अखलाक का कहना है कि संदीप को पहले अपनी जानकारी पुख्ता करनी चाहिए। शाहिद के मुताबिक यह बात सही है कि यह जमीन प्रदेश सरकार ने हैंडलूम इंडस्ट्रियल इस्टेट को दी थी और उन्होंने यहां फैक्ट्री भी लगाई। इसके लिए उप्र फाइनेंस कारपोरेशन से ऋण लिया गया था। नियत समय पर ऋण न चुकाने के कारण प्रदेश सरकार ने इस जमीन को कुर्क कर नीलाम कर दिया। उन्होंने नीलामी में यह जमीन खरीदी और बाकायदा इसकी रजिस्ट्री की गई। उनके पास इसके पूरे दस्तावेज हैं।
खास बात
- सच संस्था के संस्थापक संदीप पहल ने प्रेस वार्ता में लगाए आरोप
- शाहिद अखलाक का पलटवार, जानकारी पुख्ता करें संदीप, मैंने सरकार से नीलामी में खरीदी यह जमीन