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Mau News: 99 प्रतिशत काम पूरा फिर भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं
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रिवैंप योजना के तहत चारों तहसील क्षेत्र में करोड़ों से बिजली के जर्जर तारों और विद्युत उपकरणों के बदलने का काम लगभग 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। बावजूद जर्जर तारों के टूटने का मामले बढ़ रहे हैं। मंगलवार को मुहम्मदाबादगोहना के कबीरपुर में जर्जर तार टूटने से एक महिला किसान की मौत हो गई। वही तीन दिन पहले घोसी में जर्जर तार टूटने से 100 घरों में लाखों के बिजली उपकरण फुंक गए थे।
इस सवाल पर विभागीय अधिकारियों चुप्पी साधते हुए जांच कराने की बात कह रहे हैं।
जिले में तीन विद्युत वितरण खंड में 49 विद्युत उपकेंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति होती है। तीन लाख 57 हजार 98 उपभोक्ता हैं। रिवैंप योजना के तहत 6252 किमी जर्जर तारों के बदलने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए आजमगढ़ मंडल के लिए करीब 350 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था।
इसमें 100 करोड़ रुपये से जिले के जर्जर बिजली तारों को दुरुस्त कराया जाना था। निगम की तरफ से योजना के तहत जर्जर तार, जर्जर पोल, कैपीसीटर बदलने का काम लगभग 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। आए दिन तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित हो जा रही है।
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ग्रामीण इलाकों में स्थापित विद्युत उपकेंद्रों मेें आए दिन तकनीकी खामी के चलते कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एमके अग्रवाल का कहना है कि रिवैंप योजना के तहत चिह्ति स्थानों पर ही काम कराया गया है। तीनों खंड के अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है। संवाद
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इस सवाल पर विभागीय अधिकारियों चुप्पी साधते हुए जांच कराने की बात कह रहे हैं।
जिले में तीन विद्युत वितरण खंड में 49 विद्युत उपकेंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति होती है। तीन लाख 57 हजार 98 उपभोक्ता हैं। रिवैंप योजना के तहत 6252 किमी जर्जर तारों के बदलने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए आजमगढ़ मंडल के लिए करीब 350 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था।
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इसमें 100 करोड़ रुपये से जिले के जर्जर बिजली तारों को दुरुस्त कराया जाना था। निगम की तरफ से योजना के तहत जर्जर तार, जर्जर पोल, कैपीसीटर बदलने का काम लगभग 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। आए दिन तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित हो जा रही है।
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ग्रामीण इलाकों में स्थापित विद्युत उपकेंद्रों मेें आए दिन तकनीकी खामी के चलते कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एमके अग्रवाल का कहना है कि रिवैंप योजना के तहत चिह्ति स्थानों पर ही काम कराया गया है। तीनों खंड के अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है। संवाद