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सीएचसी का हाल, कहीं आक्सीजन की उपलब्धता तो कहीं नहीं, जिम्मेदार बेखबर
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मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ज्यादातर लोग संक्रमित हो रहे हैं। मरीजों को ऑक्सीजन की समस्या न हो, इसके लिए जिले के पांच सीएचसी में ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था है लेकिन यहां आने वाले अधिकतर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
कोपागंज : स्थानीय सीएचसी के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में 50 से ज्यादा मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश को सांस लेने में तकलीफ की समस्या होती है लेकिन इन्हें ऑक्सीजन न देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। केंद्र प्रभारी डॉ अनिल कुमार की मानें तो सीएचसी में चार आक्सीजन सिलिंडर है।
रानीपुर : स्थानीय सीएचसी के प्रभारी डा. दिनेश कुमार ने बताया कि यहां आने वाले मरीजों के लिए तीन सिलिंडर है लेकिन अस्पताल में यह आक्सीजन का प्रयोग नहीं हो सका है।
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रतनपुरा : स्थानीय सीएचसी में अगर कोई सांस का मरीज पहुंच रहा है तो उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। केंद्र प्रभारी डॉ. हर्ष सोनी ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग कराने के लिए उसे भेजा गया है।
मधुबन : फतेहपुर मंडाव में चार सिलिंडर की व्यवस्था है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इसका प्रयोग इमरजेंसी के लिए किया जाता है। दो बड़े सिलिंडर खत्म होने पर रिफिलिंग के लिए भेजे गया है। अमिला : बड़राव सीएचसी पर तीन सिलिंडर की उपलब्धता है।
वलीदपुर : मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी पर तीन सिलिंडर है। जिले के अधिकांश सीएचसी पर आक्सीजन सिलिंडर है, बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल में ज्यादा उमड़ रही है। कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट सीएचसी में आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था नहीं है।
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कोपागंज : स्थानीय सीएचसी के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में 50 से ज्यादा मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश को सांस लेने में तकलीफ की समस्या होती है लेकिन इन्हें ऑक्सीजन न देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। केंद्र प्रभारी डॉ अनिल कुमार की मानें तो सीएचसी में चार आक्सीजन सिलिंडर है।
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रानीपुर : स्थानीय सीएचसी के प्रभारी डा. दिनेश कुमार ने बताया कि यहां आने वाले मरीजों के लिए तीन सिलिंडर है लेकिन अस्पताल में यह आक्सीजन का प्रयोग नहीं हो सका है।
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रतनपुरा : स्थानीय सीएचसी में अगर कोई सांस का मरीज पहुंच रहा है तो उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। केंद्र प्रभारी डॉ. हर्ष सोनी ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग कराने के लिए उसे भेजा गया है।
मधुबन : फतेहपुर मंडाव में चार सिलिंडर की व्यवस्था है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इसका प्रयोग इमरजेंसी के लिए किया जाता है। दो बड़े सिलिंडर खत्म होने पर रिफिलिंग के लिए भेजे गया है। अमिला : बड़राव सीएचसी पर तीन सिलिंडर की उपलब्धता है।
वलीदपुर : मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी पर तीन सिलिंडर है। जिले के अधिकांश सीएचसी पर आक्सीजन सिलिंडर है, बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल में ज्यादा उमड़ रही है। कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट सीएचसी में आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था नहीं है।