{"_id":"582213724f1c1bf47eb38f75","slug":"were-an-open-book-pt-ramvilas","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुली किताब थे पं. रामविलास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुली किताब थे पं. रामविलास
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
घोसी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व मंत्री स्व.पंडित रामविलास पांडेय की पुण्यतिथि पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी पत्नियों को सम्मानित करते रमेश चंद पांडेय और अन्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पं. रामविलास पांडेय की पांचवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में दलीय सीमा से हट कर सभी दलों के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान लोगों ने पंडित रामविलास पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी विद्याधर राय, सूर्यनाथ राय, बैजनाथ कन्नौजिया, रामनयन मल्ल और सेनानी की पत्नी प्रभा राय, किशुनदेइ राय को राजेंद्र मिश्रा और आयोजक रमेश चंद्र पांडेय ने अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा की सेनानी पं. रामविलास पांडेय हम सभी के आदर्श थे। इनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। कहा पं. रामविलास पांडेय का जीवन खुली किताब की तरह था। वे सादा जीवन उच्च विचार को मानने वाले थे। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। यही नहीं उन्होंने किसी गलत आदमी की भी पैरवी नहीं की। यही कारण रहा कि वे सबके प्रिय रहे।
विज्ञापन
लोग दलीय सीमा से हटकर इनके पास आते थे और इन से परामर्श लेते थे। पंडित जी घोसी से विधायक भी रहे परंतु इनके जीवनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया। प्रदेश से लेकर देश स्तर पर घोसी को जो मानसम्मान दिया वह अविस्मरणीय रहा। वह जीवन पर्यंत देश के साथ कांग्रेस के प्रति समर्पित रहे। अंत में आयोजक व पुत्रगण रमेश चंद्र पांडेय व उमेश चंद्र पांडेय ने आगत अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
समारोह को चंडीप्रसाद मिश्रा, समाजसेवी जयप्रकाशमिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीलगुप्ता, भाजपा नेता योगेंद्रनाथ राय, जनार्दन सिंह, डॉ. कैलाश, तेजबहादुर सिंह आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंडीप्रसाद मिश्रा तथा संचालन उमाशंकरसिंह दाड़ी ने किया। डीएम के प्रतिनिधि के रूप में उपजिलाधिकारी मधुबन विमल कुमार दुबे कार्यक्रम में भाग लिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी विद्याधर राय, सूर्यनाथ राय, बैजनाथ कन्नौजिया, रामनयन मल्ल और सेनानी की पत्नी प्रभा राय, किशुनदेइ राय को राजेंद्र मिश्रा और आयोजक रमेश चंद्र पांडेय ने अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा की सेनानी पं. रामविलास पांडेय हम सभी के आदर्श थे। इनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। कहा पं. रामविलास पांडेय का जीवन खुली किताब की तरह था। वे सादा जीवन उच्च विचार को मानने वाले थे। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। यही नहीं उन्होंने किसी गलत आदमी की भी पैरवी नहीं की। यही कारण रहा कि वे सबके प्रिय रहे।
विज्ञापन
लोग दलीय सीमा से हटकर इनके पास आते थे और इन से परामर्श लेते थे। पंडित जी घोसी से विधायक भी रहे परंतु इनके जीवनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया। प्रदेश से लेकर देश स्तर पर घोसी को जो मानसम्मान दिया वह अविस्मरणीय रहा। वह जीवन पर्यंत देश के साथ कांग्रेस के प्रति समर्पित रहे। अंत में आयोजक व पुत्रगण रमेश चंद्र पांडेय व उमेश चंद्र पांडेय ने आगत अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
समारोह को चंडीप्रसाद मिश्रा, समाजसेवी जयप्रकाशमिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीलगुप्ता, भाजपा नेता योगेंद्रनाथ राय, जनार्दन सिंह, डॉ. कैलाश, तेजबहादुर सिंह आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंडीप्रसाद मिश्रा तथा संचालन उमाशंकरसिंह दाड़ी ने किया। डीएम के प्रतिनिधि के रूप में उपजिलाधिकारी मधुबन विमल कुमार दुबे कार्यक्रम में भाग लिया।