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दीन के साथ नेकी के रास्ते पर चलें
mau
Updated Mon, 30 Apr 2018 11:10 PM IST
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भटकुंआ पट्टी में इज्तेमा के समापन के बाद निकलते लोग।
- फोटो : mau
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नगर क्षेत्र के भटकुआं पट्टी में सोमवार को दो दिवसीय तब्लीगी इज्तेमा का समापन हो गया। धामिर्क विद्वानों की बातें जेहन में लेकर लोग अपने घरों को लौट गए। इज्तेमा में उलेमाओं ने मुसलमानों को नसीहत की कि वह दीन के साथ नेकी के रास्ते पर चलें। इसी में उनकी भलाई है। साथ ही उन्हें बुराई के रास्तों को छोड़ने का आह़्वान भी किया गया।
इज्तेमा में फज्र की नमाज के बाद मौलाना खुर्शीद साहब ने उपस्थित लोगों को कुरान के बारे में बताया साथ ही उसके बताए रास्ते पर चलने की सलाह दी। इसके बाद मुफ्ती मुस्लिम ने भी खिताब किया। असर की नमाज के बाद अनवर अली, मुफ्ती साजिद आैर मौलाना जमशेद ने भ्ाी तकरीर की। तब्लीगी इज्तेमा में आए लोगों बुराई के सभी रास्तों से तौबा कर दीन के साथ नेकी के रास्ते पर चलने की शिक्षा दी गई। ओलेमाओं ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम की तालीमात से भटक कर न दुनिया मे भला होगा न आख़ेरत में।
नमाज की पाबंदी करने के साथ साथ पड़ोसियो के हकूक, ईमानदारी, सिला रहमी, कमजोरों की मदद, बुजुर्गो का एहतराम, अल्लाह के रास्ते मे पैसा खर्च करना और समय निकालना, अच्छे एखलाक और बेहतरीन किरदार पेश करने की शिक्षा दी गई। धार्मिक विद्वानों ने कार्यक्रम में इस्लाम धर्म के रास्ते पर चलने के लिए लोगों को बताया । इस दौरान भारी संख्या में गैर जनपदों से लोगों ने इज्तेमा में भाग लिया। पंडाल में एक साथ 25000 लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था की गई थी। एक साथ एक हजार लोगो के वजू बनाने के इंतजाम किये गये थे। इसके साथ ही भोजन के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
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इज्तेमा में फज्र की नमाज के बाद मौलाना खुर्शीद साहब ने उपस्थित लोगों को कुरान के बारे में बताया साथ ही उसके बताए रास्ते पर चलने की सलाह दी। इसके बाद मुफ्ती मुस्लिम ने भी खिताब किया। असर की नमाज के बाद अनवर अली, मुफ्ती साजिद आैर मौलाना जमशेद ने भ्ाी तकरीर की। तब्लीगी इज्तेमा में आए लोगों बुराई के सभी रास्तों से तौबा कर दीन के साथ नेकी के रास्ते पर चलने की शिक्षा दी गई। ओलेमाओं ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम की तालीमात से भटक कर न दुनिया मे भला होगा न आख़ेरत में।
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नमाज की पाबंदी करने के साथ साथ पड़ोसियो के हकूक, ईमानदारी, सिला रहमी, कमजोरों की मदद, बुजुर्गो का एहतराम, अल्लाह के रास्ते मे पैसा खर्च करना और समय निकालना, अच्छे एखलाक और बेहतरीन किरदार पेश करने की शिक्षा दी गई। धार्मिक विद्वानों ने कार्यक्रम में इस्लाम धर्म के रास्ते पर चलने के लिए लोगों को बताया । इस दौरान भारी संख्या में गैर जनपदों से लोगों ने इज्तेमा में भाग लिया। पंडाल में एक साथ 25000 लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था की गई थी। एक साथ एक हजार लोगो के वजू बनाने के इंतजाम किये गये थे। इसके साथ ही भोजन के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
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