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विदाई न होने पर विवाहिता ने ससुराल में दिया धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 03 Nov 2015 11:40 PM IST
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लंबे इंतजार के बाद जब सुसरालवालों ने विदाई नहीं कराई तो महिला अपने बच्चे के साथ ससुराल पहुंच गई। घर पर ताला बंद के कारण बाहर धरने पर बैठक गई।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला कस्बे के डाकघर के पास महिला धरने पर दिनभर बैठी रही। कौतूहलवश मुहल्ले के लोगों की वहां धीरे धीरे भारी भीड़ जुट गई। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को कोतवाली लेकर पहुंचे और ससुराल पत्र को भी बुला कर समझौते का प्रयास किया।
अमिला कस्बे के निवासी गुफरान पुत्र अरशद की शादी मऊ जनपद के मुंशीपुरा निवासी शब्बीर की पुत्री शाहजहां खातून से 8 वर्ष पूर्व हुई थी । इस बीच पति और पत्नी के बीच विवाद के चलते विवाहिता शाहजंहा अपने बच्चे के साथ मायके आकर रहने लगी।
शाहजहां का कहना है कि ससुराल वालों ने विदाई के लिए आज कल करते-करते 5 वर्ष का समय गुजार दिया। बताया कि इंतजार करने से बेहतर अब उसने समझा कि खुद ही ससुराल जाकर रहेगी। मंगलवार को ससुराल पहुंच गई। लेकिन वहां पर ताला बंद मिला। वह अपने बेटे के साथ धरने पर बैठ गई।
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इस दौरान वहां पर मुहल्ले के लोगाें की भारी भीड़ जुटती रही। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग नहीं पहुंचे। आखिर लगभग 4 बजे के करीब उसका धैर्य टूट गया। उसने बगल की दूकान से हथौड़ा, लेकर ससुराल पर लटके ताले का तोड़ने का प्रयास किया। लेकिन ताला टूटा नहीं।
इधर महिला के धरने पर बैठने की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस हरकत में आई। स्वयं प्रभारी निरीक्षक घोसी राकेश कुमार जायसवाल घटनास्थल पर पहुंचे। शाहजहां और उसके पुत्र रेहान को कोतवाली ले गए। ससुराल पत्र को भी कोतवाली बुलवाया गया। सुलह समझौता का प्रयास किया गया।
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला कस्बे के डाकघर के पास महिला धरने पर दिनभर बैठी रही। कौतूहलवश मुहल्ले के लोगों की वहां धीरे धीरे भारी भीड़ जुट गई। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को कोतवाली लेकर पहुंचे और ससुराल पत्र को भी बुला कर समझौते का प्रयास किया।
अमिला कस्बे के निवासी गुफरान पुत्र अरशद की शादी मऊ जनपद के मुंशीपुरा निवासी शब्बीर की पुत्री शाहजहां खातून से 8 वर्ष पूर्व हुई थी । इस बीच पति और पत्नी के बीच विवाद के चलते विवाहिता शाहजंहा अपने बच्चे के साथ मायके आकर रहने लगी।
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शाहजहां का कहना है कि ससुराल वालों ने विदाई के लिए आज कल करते-करते 5 वर्ष का समय गुजार दिया। बताया कि इंतजार करने से बेहतर अब उसने समझा कि खुद ही ससुराल जाकर रहेगी। मंगलवार को ससुराल पहुंच गई। लेकिन वहां पर ताला बंद मिला। वह अपने बेटे के साथ धरने पर बैठ गई।
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इस दौरान वहां पर मुहल्ले के लोगाें की भारी भीड़ जुटती रही। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग नहीं पहुंचे। आखिर लगभग 4 बजे के करीब उसका धैर्य टूट गया। उसने बगल की दूकान से हथौड़ा, लेकर ससुराल पर लटके ताले का तोड़ने का प्रयास किया। लेकिन ताला टूटा नहीं।
इधर महिला के धरने पर बैठने की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस हरकत में आई। स्वयं प्रभारी निरीक्षक घोसी राकेश कुमार जायसवाल घटनास्थल पर पहुंचे। शाहजहां और उसके पुत्र रेहान को कोतवाली ले गए। ससुराल पत्र को भी कोतवाली बुलवाया गया। सुलह समझौता का प्रयास किया गया।