डराने का सबक पड़ा भारी...मौत: दोस्तों ने किशोर के गुम हो जाने की रची कहानी, सच्चाई जान परिजनों का हंगामा; FIR
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के ताजपुर मोहल्ला निवासी मूक-बधिर किशोर की अमरोहा जिले में वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ केदारनाथ धाम गया था, जहां से दोस्तों ने उसे रास्ते में छोड़ दिया था। मां की तहरीर पर 24 अगस्त को पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। परिजनों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया।
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मऊ के केदारनाथ गए चिरैयाकोट थाना के ताजपुर मोहल्ला निवासी गुमशुदा मिथिलेश (15) की अमरोहा जिले में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। केदारनाथ धाम से दर्शन कर लौटते समय दोस्तों ने अमरोहा जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे ढाबे पर उसे छोड़कर घर चले आए थे।
बेटे की मौत की सूचना मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार की शाम परिजनों ने थाने पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने आश्वासन देकर समझा बुझाकर उन्हें घर भेज दिया। ताजपुर मोहल्ला निवासी सुकुल का बेटा मिथिलेश बीते 10 अगस्त को अपने पांच दोस्तों के साथ केदारनाथ धाम के लिए निकला था। सभी दोस्त 15 अगस्त तक घर लौट आए लेकिन मिथिलेश नहीं लौटा।
परिजनों के पूछने पर बताए कि वो मेरठ जिले में कहीं गुम हो गया है। उनके छोड़कर आने के बाद अमरोहा जिले के सैदनंगली थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन से कुचलकर उसकी मौत हो गई। मां कुंती की तहरीर पर बीते 24 अगस्त की रात पुलिस ने चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव निवासी विपिन, लकी, अंशु, संदीप, शुभम के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 13 अगस्त की रात उन्होंने सैदनंगली थाना क्षेत्र के एक ढाबे पर रुककर खाना खाया। मिथिलेश कार में काफी शरारत कर रहा था। उसे डराने के लिए हम लोग ढाबे पर ही छोड़कर कुछ आगे निकल आए। वापस जाकर देखा तो वो वहां नहीं था, खोजबीन के बाद भी नहीं मिला तो घर लौट आए।
शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाने वाले ने दी मौत की सूचना
आरोपियों के बताए पते पर सैदनंगली थाने के उस ढाबे पर छह दिन पहले चिरैयाकोट थाना के उपनिरीक्षक और कांस्टेबल परिजनों संग पहुंचे। मिथिलेश की फोटो दिखाकर आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चल सका। पुलिस टीम ने वहां दीवारों पर मिथिलेश की गुमशुदगी के संबंध में फोटो चस्पा कराया और लौट आए।
सड़क दुर्घटना में मौत के बाद जिस व्यक्ति ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया था उसने फोटो देखकर पहचान लिया और पोस्टर पर लिखे नंबर पर फोन करके पुलिस को मौत की सूचना दी। उसने बताया कि मौत होने के बाद शव तीन दिनों तक पीएम हाउस में रखा रहा। किसी के द्वारा खोजबीन नहीं होने पर पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया।
अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस टीम खोजबीन कर रही थी। मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में धारा बढ़ाते हुए कार्रवाई की जा रही है। - विजय प्रकाश मौर्य, थानाध्यक्ष, चिरैयाकोट