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अवैध पट्टा बताने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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कोपागंज ब्लाक के इंदारा ग्रामसभा में हुए अवैध पट्टा की जांच कराने के लिए प्रर्दशन करते ग्रामीण।
- फोटो : MAU
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कोपागंज ब्लाक के इंदारा ग्राम सभा में 2015 में हुए पट्टा को अवैध बताते हुए बुधवार केे ग्रामीणों ने देईथान पुरवे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी के साथ हाथों में अवैध पट़्टा को खारिज करने की मांग लिखा स्लोगन लिखकर दो घंटे तक विरोध जताया। साथ ही पट्टा खारिज न होने पर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे इंदारा गांव सभा के देईथान पुरवे में अधिवक्ता विमलेश यादव, सुनील, रामचंद्र, राजेश, राजीव, लीलावती, कलावती, लाची, सुरेश, रामजन्म सहित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हाथ में लिए स्लेगन पर लिखा था की अवैध पट्टा को खारिज करो। ग्रामीणों का कहना है की पूर्व प्रधान ने अपने कार्य काल में फर्जी तरीके से एक ही परिवार के कई लोगों व नौकरी पेशा, भाई भतीजा,नाती पोता, आदि को जमीन पट्टा कर दिया गया।
अधिवक्ता विमलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर चुके हैं। बोले कि पूर्व प्रधान तथा सचिव ने मिलकर लगभग 300 लोगों को गलत तरीके से पट्टा किया है। मुख्य सचिव राजस्व ने 28 अगस्त 2020 को इसकी जांच करने व दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश जिलाधिकारी मऊ को दिया था। इस पर मऊ जिलाधिकारी ने 28 अगस्त को ही एसडीएम सदर को जांच के लिए दे दिया। लेकिन सदर एसडीएम द्वारा आज तक पट्टा सम्बंधित आदेश नहीं दिया गया है। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने पट्टा खारिज करने के साथ दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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बुधवार की सुबह करीब 11 बजे इंदारा गांव सभा के देईथान पुरवे में अधिवक्ता विमलेश यादव, सुनील, रामचंद्र, राजेश, राजीव, लीलावती, कलावती, लाची, सुरेश, रामजन्म सहित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हाथ में लिए स्लेगन पर लिखा था की अवैध पट्टा को खारिज करो। ग्रामीणों का कहना है की पूर्व प्रधान ने अपने कार्य काल में फर्जी तरीके से एक ही परिवार के कई लोगों व नौकरी पेशा, भाई भतीजा,नाती पोता, आदि को जमीन पट्टा कर दिया गया।
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अधिवक्ता विमलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर चुके हैं। बोले कि पूर्व प्रधान तथा सचिव ने मिलकर लगभग 300 लोगों को गलत तरीके से पट्टा किया है। मुख्य सचिव राजस्व ने 28 अगस्त 2020 को इसकी जांच करने व दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश जिलाधिकारी मऊ को दिया था। इस पर मऊ जिलाधिकारी ने 28 अगस्त को ही एसडीएम सदर को जांच के लिए दे दिया। लेकिन सदर एसडीएम द्वारा आज तक पट्टा सम्बंधित आदेश नहीं दिया गया है। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने पट्टा खारिज करने के साथ दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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