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बड़े व्यापारियों का गोदाम बनकर रह गई सब्जी मंडी
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कोपागंज नगर पंचायत में ओडियाना बाजार को जाम से मुक्त करने और सब्जी विक्रेताओं को एक स्थान पर लाने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सब्जी मंडी न सिर्फ विरान पड़ा है, बल्कि वह बड़े व्यापारियों का गोदाम मात्र बनकर रह गया है। इससे नगर में जाम एक विकट समस्या बन गई है।
कोपागंज में सब्जी कारोबारी पटरियों पर दुकानें लगाते हैं। इससे सड़कें न केवल संकुचित हो जाती हैं, बल्कि इससे लोगों को आवागमन में परेशानी भी होती है। कोपागंज चौक से ओडियाना बाजार तक अक्सर जाम की स्थिति देखी जा सकती है। शाम के समय इतनी भीड़ हो जाती है कि जाम लगना तय है। कस्बे में रविवार, बुधवार और शनिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार से स्थिति और भी दयनीय होती है। लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इसको देखते 1996 में नगर पंचायत ने 15 लाख रुपये की लागत से ओडियाना बाजार के बगल में सब्जी मंडी का निर्माण कराया था। इस सब्जी मंडी में नगर पंचायत द्वारा 36 दुकानों का निर्माण किया गया। कई बार सब्जी विक्रेताओं को दुकान आवंटित कराने के लिए भी कहा गया। किसी को भी दुकान आवंटित नहीं हो पाया। वर्तमान में सब्जी मंडी बड़े व्यापारियों का गोदाम बनकर रह गई है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस समस्या से निजात दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से गुहार भी लगाई, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जय प्रकाश यादव का कहना है कि मंडी परिसर में अभी शौचालय का निर्माण कराया जाना है। कुछ लोगों को दुकान आवंटित की गई है। उसी में संबंधित व्यक्ति अपना सामान रखे हैं। अगर किसी ने गैर आवंटित दुकान पर कब्जा किया होगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोपागंज में सब्जी कारोबारी पटरियों पर दुकानें लगाते हैं। इससे सड़कें न केवल संकुचित हो जाती हैं, बल्कि इससे लोगों को आवागमन में परेशानी भी होती है। कोपागंज चौक से ओडियाना बाजार तक अक्सर जाम की स्थिति देखी जा सकती है। शाम के समय इतनी भीड़ हो जाती है कि जाम लगना तय है। कस्बे में रविवार, बुधवार और शनिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार से स्थिति और भी दयनीय होती है। लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इसको देखते 1996 में नगर पंचायत ने 15 लाख रुपये की लागत से ओडियाना बाजार के बगल में सब्जी मंडी का निर्माण कराया था। इस सब्जी मंडी में नगर पंचायत द्वारा 36 दुकानों का निर्माण किया गया। कई बार सब्जी विक्रेताओं को दुकान आवंटित कराने के लिए भी कहा गया। किसी को भी दुकान आवंटित नहीं हो पाया। वर्तमान में सब्जी मंडी बड़े व्यापारियों का गोदाम बनकर रह गई है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस समस्या से निजात दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से गुहार भी लगाई, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जय प्रकाश यादव का कहना है कि मंडी परिसर में अभी शौचालय का निर्माण कराया जाना है। कुछ लोगों को दुकान आवंटित की गई है। उसी में संबंधित व्यक्ति अपना सामान रखे हैं। अगर किसी ने गैर आवंटित दुकान पर कब्जा किया होगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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