फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Uproar in Mau hospital Nurse conducted delivery in absence of doctor

मऊ अस्पताल में हंगामा : चिकित्सक के न होने पर नर्स ने कराई डिलीवरी, हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल रेफर किया

Thu, 27 Feb 2025 07:24 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Thu, 27 Feb 2025 07:24 PM IST
सार

अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि इसी अस्पताल में नर्स ने डिलीवरी करा दी इसके बाद जब प्रसूता की हालत बिगड़ी तो दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जहां उसकी मौत हो गई। घटना बीते रविवार की शाम की बताई जा रही है। पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन महिला अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

विज्ञापन
Uproar in Mau hospital Nurse conducted delivery in absence of doctor
अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, हंगामा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की शाम घोसी कस्बा के आए एक युवक के नेतृत्व में 10 से ज्यादा लोगों ने अस्पताल में हंगामा काटा। इनका आरोप था युवक की गर्भवती पत्नी के डिलेवरी कराने के लिए कोई डाक्टर नहीं आया।

विज्ञापन


ऐसे में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने उसकी पत्नी का प्रसव कराया, लेकिन लापरवाही बरतने से उसकी हालात गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया।जहां उसकी पत्नी की मौत हो गई। उधर अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि महिला मरीज की मौत निजी अस्पताल में हुई, वह शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच भी कर रहे है।
विज्ञापन


विरोध जताने वाले घोसी कोतवाली क्षेत्र के शोधनपुर निवासी अंशू पटवा ने बताया कि उसकी पत्नी ज्योती को प्रसव पीड़ा होने पर बीते 23 फरवरी की शाम बेहतर अस्पताल जानकर उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप लगाया कि काफी इंतजार करने के बाद कोई चिकित्सक के न आने पर उसकी पत्नी की डिलेवरी अस्पताल की एक नर्स ने कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नर्स का दावा था कि यह सामान्य डिलेवरी है ऐसे में वह करा सकती है। प्रसव कराने के बाद उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन एक घंटे बाद ही उसे लगातार ब्लीडिंग होने लगी। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे रेफर कर दिया। जिसके बाद वह अपनी पत्नी को निजी अस्पताल लाकर भर्ती कराया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

बताया कि पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद वह इस लापरवाही को जानने को लेकर महिला अस्पताल अपने परिजनों के साथ पहुंचा था। आरोप लगाया कि जब उसकी पत्नी की तबियत लगातार खराब हो रही थी तो उसके द्वारा कई बार चिकित्सक को बुलाने की मांग की गई लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।




बताया कि उसकी शादी एक साल पहले ही हुई थी, अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही ने उसकी पूरी जिंदगी को बर्बाद कर दिया। वहीं इस मामले में सीएमएस जयशंकर प्रसाद का कहना है कि मामला संज्ञान में है, बीते 23 फरवरी को शाम 6 बजकर 29 मिनट पर सामान्य डिलेवरी कराई गई थी, लेकिन ब्लीडिंग होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed