मऊ। ब्राह्मण विकास परिषद के तत्वावधान में नगर स्थित शीतला माता मंदिर के प्रांगण में उपनयन संस्कार वैदिक मंत्रोचार के साथ कराया गया। इसमें जनपद के सभी नौ ब्लाकों के विभिन्न क्षेत्रों के 251 बटुकों का उपनयन संस्कार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य मनोज मणि ने विधि विधान से पूजन अर्चन के साथ कराया। संगठन द्वारा प्रत्येक ब्रह्मचारी बटुक को कुशा आसन, पीतांबर, खड़ाऊ पटरी, लेखन सामग्री, वस्त्र यज्ञोपवीत दिया गया था। कर्म कांड के दौरान आचार्य मनोज मणि द्वारा विधिवत वैदिक मंत्रोचार कर ब्रह्मचारी बटुकों से ब्रह्मचर्य का पालन करने का निर्देश देते हुए बताया गया कि हिंदू सनातन धर्म में कुल 16 संस्कार हैं। उपनयन संस्कार 8वे क्रम में आता है। उपनयन संस्कार से व्यक्ति ब्राह्मण वर्ण में सम्मलित किया जाता है। भिक्षाटन के पश्चात उपनयन संस्कार पूर्ण हुआ। इस मौके पर संगठन के संरक्षक तथा शल्य चिकित्सक डॉ. एससी तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण विकास परिषद का यह प्रयास रहता है कि संस्कार युक्त समाज का निर्माण किया जाए। क्योंकि यह समय की मांग है। बिना संस्कार के समाज में विकृति पैदा हो जाएगी। उपनयन संस्कार के जरिए बटुकों को संयमित जीवन जीने की सीख दी जाती है।जो उसे एक कुशल मानव बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण विकास परिषद एक गैर राजनीतिक संगठन है जिसका उद्देश्य समाज के वंचित लोगों का सर्वांगीण विकास कर समाज की मुख्य धारा में लाने का है। संगठन एक लंबे अरसे से ब्राह्मण समाज के उन्नयन पर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक रामजी उपाध्याय, संजय कुमार त्रिपाठी,रमाकांत तिवारी, उमेश मिश्रा, सत्य प्रकाश दुबे, लक्ष्मी शंकर दुबे, अवधेश तिवारी, प्रणव कुमार चतुर्वेदी, संजीव कुमार द्विवेदी, आध्या शंकर मिश्र, वेद प्रकाश मिश्र, जयप्रकाश मिश्र, धनंजय पांडेय विजय शंकर तिवारी राम जपित पांडेय सत्येंद्र नाथ पांडेय, पंकज उपाध्याय, डॉ. पंकज उपाध्याय आदि शामिल रहे।