UP: 'हम 15 साल की किशोरी का भी गर्भपात करा देते हैं, बच्चा हुआ तो अच्छे पैसे मिलते'; स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा
अमर उजाला के स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मऊ जिले में गर्भपात कराने के रैकेट का खुलासा हुआ है। कोपागंज के एक अस्पताल में नवजात की खरीद-फरोख्त का दावा किया गया। साथ ही लालच भी दिया गया था। अमर उजाला की टीम ने पांच अस्पतालों और क्लीनिकों में डमी मरीज के नाम पर स्टिंग ऑपेरशन किया गया।
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ये सलाह किसी डॉक्टर की नहीं हैं बल्कि जिले के अमिला क्षेत्र के थानीदास स्थित आनंद मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे क्लीनिक की महिला संचालक किरन ने दी। यह सलाह बिना जांच रिपोर्ट और डॉक्टर के पर्चे पर दी गई। वहीं, कोपागंज के कृष्णा हॉस्पिटल में नवजात की खरीद फरोख्त का दावा तक किया गया।
कहा कि बच्चा हुआ तो अच्छे पैसे मिल जाते हैं। वाराणसी में गर्भपात की दवा के सेवन से एक युवती की मौत के बाद हमारी टीम ने शुक्रवार से रविवार तक इस मुद्दे पर स्टिंग ऑपरेशन किया। जिले के कोपागंज, अमिला, मादी सिपाह, थानीदास और पुराघाट क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में गर्भपात का धंधा खुलेआम चल रहा है।
पांच अस्पतालों/क्लीनिकों में डमी महिला मरीज की जांच रिपोर्ट दिखाई गई जहां किसी संचालक ने दो तो किसी ने सात से नौ हजार रुपये में गर्भपात कराने की बात कही और भरोसा दिलाया कि कोई समस्या नहीं होगी।
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कोपागंज स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में रिपोर्टर ने खुद को एक युवती का परिचित बताया और कहा कि तीन माह के गर्भावस्था का मामला है। खुद को डॉक्टर बताने वाली मीना ने क्लीनिक में गर्भपात कराने की बात कही। यहां एक महिला ने बच्चा खरीदने की बात कही और कहा कि लड़का हुआ तो किसी व्यक्ति को दे दिया जाएगा जो उसे खरीद लेगा।
अमिला के थानीदास क्षेत्र स्थित आनंद पैथोलॉजी में टीम पहुंची। यहां आनंद नाम का व्यक्ति मिला। उसने टीम से बात की और पास की बिल्डिंग में जनसेवा क्लीनिक में जाने को कहा। टीम वहां पहुंची तो खुद को डॉक्टर बताने वाली किरन ने डमी जांच रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि 'टेंशन मत लें, यह सामान्य है। उसने कहा, पहले दवा दी जाएगी। इससे ब्लीडिंग होगी।
अमिला कस्बे में संचालित अस्पताल प्रतिमा सेवा सदन का पंजीकरण आयुर्वेद विधा से है। करीब 20 मिनट बाद टीम को अंदर बुलाया गया। यहां महिला डॉक्टर के अनुपस्थित होने का हवाला दिया गया। कर्मचारियों ने बताया, पहले दवा दी जाएगी। इससे ब्लीडिंग शुरू होगी। इसके बाद मरीज को एक से दो दिन अस्पताल में रखा जाएगा। इस प्रक्रिया में 10 हजार रुपये खर्च होंगे।
मादी क्षेत्र के रीता क्लीनिक में एनआईसीयू वार्ड भी संचालित होता मिला। यहां मिले सचिन ने स्वयं ऐसा काम करने से इन्कार किया। उसने कहा, आनंद पैथोलॉजी चले जाइए वहां पर आपका काम हो जाएगा।
कोपागंज सीएचसी से लगभग 50 मीटर दूर हार्डवेयर की दुकान में संचालित क्लीनिक में टीम पहुंची। यहां मिली एक युवती ने बताया कि उसका काम हो जाएगा। मां सविता से बात करके बताती हूं। उसने मां को बुलाने का आश्वासन दिया। इसी बीच फोन आने पर युवती ने कहा, मां की तबीयत ठीक नहीं है और यहां ये सब काम नहीं होता।
गर्भपात और अवैध क्लीनिक से जुड़ी शिकायतें गंभीर हैं। विभाग की टीमें जल्द ही छापा मारकर कार्रवाई करेंगी। सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालन का मामला भी देखा जाएगा। मामले में कड़ी कार्रवाई होगी।
डॉ. पंकज, सीएमओ