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संसाधनों के अभाव से जूझ रही आद्योग आस्थान की यूनिटें
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मऊ। सरकार की लघु उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने की तमाम कवायद विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ रही हैं। नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान में वर्षों से 36 के बजाय 27 यूनिटें ही संचालित हैं। जबकि उद्यमी यूनिटें लगाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, यहां सब स्टेशन तो बना, लेकिन 20 साल से स्वतंत्र फीडर बनाए जाने की मांग ठंडे बस्ते में है। अब हालत यह है कि धागा से जुड़ी आठ यूनिटें बंद चल रही हैं।
जिले में रोजगार के साधन बढ़ने की बजाय घट रहे हैं। औद्योगिक आस्थान में 36 प्लाट हैं। जिसमें 27 यूनिटें संचालित हैं। आठ यूनिटें वर्षो से बंद हैं। उद्यमियों की मानें तो लगातार दो वर्ष से यूनिटें बंद चलने की स्थिति मेें प्लाट का आवंटन निरस्त कर देने का प्रावधान है। यूनिटें लगाने के लिए उद्यमी अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग का सीधा जवाब है कि बंद पड़े उद्योगों को शुरु करने के लिए भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही। कोरोना काल में साड़ियों की डिमांड न होने के चलते धागे की यूनिटें बंद चल रही हैं।
उधर, उद्यमियों की मांग पर औद्योगिक आस्थान मेें वर्षों पूर्व विद्युत उपकेंद्र तो बना, लेकिन स्वतंत्र फीडर नहीं बनाया जा सका है। शासन ने इसके लिए 80 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। बावजूद इसके प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सड़कें बदहाल हैं। मरम्मत के लिए बजट भी जारी हो चुका है। लेकिन तकनीकी पेंच के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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इस मामले में उद्यमी भरत थरड ने बताया कि आस्थान में विद्युत उपकेंद्र तो बना, लेकिन स्वतंत्र फीडर बनाए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। बार-बार बिजली गुल होने की स्थिति में उत्पादन पर असर पड़ रहा है। वहीं बालकृष्ण थरड़ ने बताया कि औद्योगिक आस्थान की सड़कें बदहाल हैं। बेहतर प्रकाश की व्यवस्था तक नहीं है। बजट के बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हैं।
उधर कारोबारी आजाद यादव ने कहा कि कोरोना काल में पावरलूम बंद होने और डिमांड कम होने से धागा यूनिटें बंद चल रही है। सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं। वहीं रामाश्रय मौर्य ने बताया कि औद्योगिक आस्थान में साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइट खराब है। उद्योग बंधुु की बैठक मेें समस्याओं का समाधान कराने मेें खानापूर्ति की जा रही है।
इस मामले में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेश रोमन ने कहा कि औद्योगिक आस्थान में बंद पड़ी यूनिटों के मामले मेें नोटिस जारी किया गया है। सड़क मरम्मत लोक निर्माण विभाग को कराना है। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान किए जाने का प्रयास जारी है।
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जिले में रोजगार के साधन बढ़ने की बजाय घट रहे हैं। औद्योगिक आस्थान में 36 प्लाट हैं। जिसमें 27 यूनिटें संचालित हैं। आठ यूनिटें वर्षो से बंद हैं। उद्यमियों की मानें तो लगातार दो वर्ष से यूनिटें बंद चलने की स्थिति मेें प्लाट का आवंटन निरस्त कर देने का प्रावधान है। यूनिटें लगाने के लिए उद्यमी अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग का सीधा जवाब है कि बंद पड़े उद्योगों को शुरु करने के लिए भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही। कोरोना काल में साड़ियों की डिमांड न होने के चलते धागे की यूनिटें बंद चल रही हैं।
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उधर, उद्यमियों की मांग पर औद्योगिक आस्थान मेें वर्षों पूर्व विद्युत उपकेंद्र तो बना, लेकिन स्वतंत्र फीडर नहीं बनाया जा सका है। शासन ने इसके लिए 80 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। बावजूद इसके प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सड़कें बदहाल हैं। मरम्मत के लिए बजट भी जारी हो चुका है। लेकिन तकनीकी पेंच के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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इस मामले में उद्यमी भरत थरड ने बताया कि आस्थान में विद्युत उपकेंद्र तो बना, लेकिन स्वतंत्र फीडर बनाए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। बार-बार बिजली गुल होने की स्थिति में उत्पादन पर असर पड़ रहा है। वहीं बालकृष्ण थरड़ ने बताया कि औद्योगिक आस्थान की सड़कें बदहाल हैं। बेहतर प्रकाश की व्यवस्था तक नहीं है। बजट के बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हैं।
उधर कारोबारी आजाद यादव ने कहा कि कोरोना काल में पावरलूम बंद होने और डिमांड कम होने से धागा यूनिटें बंद चल रही है। सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं। वहीं रामाश्रय मौर्य ने बताया कि औद्योगिक आस्थान में साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइट खराब है। उद्योग बंधुु की बैठक मेें समस्याओं का समाधान कराने मेें खानापूर्ति की जा रही है।
इस मामले में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेश रोमन ने कहा कि औद्योगिक आस्थान में बंद पड़ी यूनिटों के मामले मेें नोटिस जारी किया गया है। सड़क मरम्मत लोक निर्माण विभाग को कराना है। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान किए जाने का प्रयास जारी है।