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1962 में उमराव सिंह की हार रही थी चर्चा में

Wed, 23 Feb 2022 10:55 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 10:55 PM IST
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Umrao Singh's defeat in 1962 was in discussion
मुहम्मदाबाद गोहना। प्रदेश में 19 फरवरी 1962 को तीसरी विधानसभा के लिए आम चुनाव हुआ था। चुनाव में मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के नामचीन नेता व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उमराव सिंह मैदान में थे, तो दूसरी तरफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की से चंद्रजीत यादव उनके खिलाफ खड़े थे। कांग्रेस के रसूख और उमराव सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए सभी को उमराव सिंह के जीत का विश्वास था। लेकिन उनकी हार के चलते यह काफी दिनों तक क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। उस चुनाव के लिए विधानसभा क्षेत्र में कुल 96,031 मतदाता शामिल थे जिसमें 50,786 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। कुल 52.89 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। परिणाम आया तो उमराव सिंह 5,133 मतों से चुनाव हार गए। उमराव सिंह के कद और पद को देखते हुए लोगों को उनकी हार का विश्वास नहीं हो रहा था। चंद्रजीत यादव को कुल 15,278 मत मिले जबकि उमराव सिंह को 10,145 मत ही प्राप्त हुए थे। इस दौरान कुल 2,559 मत खराब घोषित हो गए थे। उस चुनाव में उमराव सिंह की हार आजमगढ़ जनपद में चुनाव की प्रमुख सुर्खी बनी रही थी। परिणाम को लेकर काफी दिनों तक चर्चा होती रही। इसी चुनाव के बाद साल 1967 से मुहम्मदाबाद गोहना को सुरक्षित विधान सभा घोषित कर दिया गया जो अभी तक सुरक्षित की श्रेणी में शामिल है।
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