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बदहाल पड़ी है दो साधन सहकारी समितियां
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मऊ। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में किसानों को सरकारी दर पर खाद बीज उपलब्ध कराने के लिए स्थापित कई साधन सहकारी समितियों के भवन जीर्णशीर्ण हो गए हैं। कई वर्षो से इनकी मरम्मत तो दूर रंगाई पुताई तक नहीं हुई है। विभागीय अधिकारी बजट का रोना रोकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के दुबारी साधन सहकारी समिति तथा नेवादा गोपालपुर साधन सहकारी समिति उपक्षित हाल में है। सरकार द्वारा स्थापित साधन सहकारी समितियों के भवन और उनके संचालन की व्यवस्था बदहाली की मार झेल रहे हैं। हल्की बरसात होने पर भी छत से पानी टपकने से यहां खाद और बीज को समय से पूर्व मंगाकर स्टाक करना कठिन कार्य साबित हो रहा है। गोदाम में रखा हुआ यूरिया, डाई, दुबारी साधन सहकारी समिति के भवन के छत से पानी टपकता है। दरवाजे का फाटक, खिड़की आदि टूटा हुआ है। दीवार फटी हैं। छत के नीचे पन्नी टांगकर काम करना पड़ता है।
भवन के जर्जर होने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण उपलब्धता के समय में खाद और बीज का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जो बुवाई के समय किसानों के लिए समस्या बनकर सामने आता है। जर्जर भवनों में बैठना कर्मचारी सुरक्षित नहीं मानकर केंद्र के बाहर ही कुर्सी लगाकर डयूटी बजाते हैं। इस संबंध में दुबारी साधन सहकारी समिति के सचिव सतीश चंद श्रीवास्तव का कहना है कि समिति के भवन की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। नेवादा गोपालपुर साधन सहकारी समिति के सचिव लल्लन यादव का कहना है कि समिति का भवन जर्जर हाल में है। मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है।
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फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के दुबारी साधन सहकारी समिति तथा नेवादा गोपालपुर साधन सहकारी समिति उपक्षित हाल में है। सरकार द्वारा स्थापित साधन सहकारी समितियों के भवन और उनके संचालन की व्यवस्था बदहाली की मार झेल रहे हैं। हल्की बरसात होने पर भी छत से पानी टपकने से यहां खाद और बीज को समय से पूर्व मंगाकर स्टाक करना कठिन कार्य साबित हो रहा है। गोदाम में रखा हुआ यूरिया, डाई, दुबारी साधन सहकारी समिति के भवन के छत से पानी टपकता है। दरवाजे का फाटक, खिड़की आदि टूटा हुआ है। दीवार फटी हैं। छत के नीचे पन्नी टांगकर काम करना पड़ता है।
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भवन के जर्जर होने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण उपलब्धता के समय में खाद और बीज का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जो बुवाई के समय किसानों के लिए समस्या बनकर सामने आता है। जर्जर भवनों में बैठना कर्मचारी सुरक्षित नहीं मानकर केंद्र के बाहर ही कुर्सी लगाकर डयूटी बजाते हैं। इस संबंध में दुबारी साधन सहकारी समिति के सचिव सतीश चंद श्रीवास्तव का कहना है कि समिति के भवन की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। नेवादा गोपालपुर साधन सहकारी समिति के सचिव लल्लन यादव का कहना है कि समिति का भवन जर्जर हाल में है। मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है।
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