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लावारिस पड़े ट्रांसफारमरों से चोरी हो रहे पार्ट्स पुरजे 17-48-37
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लावारिश पड़े ट्रांसफारमरों से चोरी हो रहे पार्ट्स पुरजे
टड़ियांव सब स्टेशन के उपकरण हो चुके हैं जर्जर
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कोपागंज। स्थानीय नगर पंचायत में विद्युत विभाग जहां एक तरफ नये उपकरणों की अनुपलब्धता के चलते जर्जर विद्युत उपकरणों के माध्यम से बिजली सप्लाई के लिए विवश है। इसके चलते बिजली विभाग को क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुचारु रूप करने के लिए नाकों चने चबाने पड़ते हैं। वहीं क्षेत्र में कई जगह नए ट्रांसफार्मर और पोल वर्षो से लावारिश अवस्था में पड़े हुए हैं। इन लावारिश पड़े ट्रांसफार्मरों से धीरे धीरे आवश्यक पार्ट्स पुरजे गायब हो रहे हैं। बताते चलें कि नगर पंचायत में बिजली सप्लाई तीन विद्युत उपकेंद्र डांडी विद्युत सबस्टेशन, टड़ियांव विद्युत उपकेंद्र और काछीकला में बने नए विद्युत उपकेंद्र से होती है। टड़ियांव विद्युत उपकेंद्र के काफी पुराना होने के कारण इसके उपकरण काफी जर्जर और ख़राब स्थिति में पहुंच गए हैं। लोड बढ़ने पर उपकरणों की खराबी के चलते विद्युत सप्लाई 24 घंटे में चार से पांच घंटे हो पाती है। वहीं नगर पंचायत क्षेत्र के कई जगहों पर 250 के वी से लेकर 100 केवी तक के नए ट्रांसफार्मर और लोहे के पोल इधर उधर वर्षो से लावारिश अवस्था में पड़े हुए हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते इन लावारिश ट्रांसफार्मरों से इनके कीमती पार्ट गायब हो चुके है फिर भी इसको कोई पूछने वाला नहीं है।
इनसेट
कोपागंज नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आये थे ये ट्रांसफार्मर- सपा सरकार ने 2014 में नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके अंतर्गत नगर पंचायत क्षेत्र में 100 केवी से लेकर 250 के वी के कई ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करनी थी। जर्जर हाई टेंशन तारों को बदलकर एबीसी केबल से सप्लाई देनी थी। 2017 में इसका कार्य भी प्रारम्भ हुआ कई जगह एबीसी केबल लगाए गए तो कई जगह ट्रांसफार्मर भी लगे लेकिन आगे चलकर यह योजना भ्रष्टाचार की शिकार हो गई।
कोट
हमारी जानकारी में ऐसी सूचना नहीं है अगर ऐसा है तो इसकी जांच तत्काल करवाई जाएगी। - दुर्गविजय सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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टड़ियांव सब स्टेशन के उपकरण हो चुके हैं जर्जर
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कोपागंज। स्थानीय नगर पंचायत में विद्युत विभाग जहां एक तरफ नये उपकरणों की अनुपलब्धता के चलते जर्जर विद्युत उपकरणों के माध्यम से बिजली सप्लाई के लिए विवश है। इसके चलते बिजली विभाग को क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुचारु रूप करने के लिए नाकों चने चबाने पड़ते हैं। वहीं क्षेत्र में कई जगह नए ट्रांसफार्मर और पोल वर्षो से लावारिश अवस्था में पड़े हुए हैं। इन लावारिश पड़े ट्रांसफार्मरों से धीरे धीरे आवश्यक पार्ट्स पुरजे गायब हो रहे हैं। बताते चलें कि नगर पंचायत में बिजली सप्लाई तीन विद्युत उपकेंद्र डांडी विद्युत सबस्टेशन, टड़ियांव विद्युत उपकेंद्र और काछीकला में बने नए विद्युत उपकेंद्र से होती है। टड़ियांव विद्युत उपकेंद्र के काफी पुराना होने के कारण इसके उपकरण काफी जर्जर और ख़राब स्थिति में पहुंच गए हैं। लोड बढ़ने पर उपकरणों की खराबी के चलते विद्युत सप्लाई 24 घंटे में चार से पांच घंटे हो पाती है। वहीं नगर पंचायत क्षेत्र के कई जगहों पर 250 के वी से लेकर 100 केवी तक के नए ट्रांसफार्मर और लोहे के पोल इधर उधर वर्षो से लावारिश अवस्था में पड़े हुए हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते इन लावारिश ट्रांसफार्मरों से इनके कीमती पार्ट गायब हो चुके है फिर भी इसको कोई पूछने वाला नहीं है।
इनसेट
कोपागंज नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आये थे ये ट्रांसफार्मर- सपा सरकार ने 2014 में नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके अंतर्गत नगर पंचायत क्षेत्र में 100 केवी से लेकर 250 के वी के कई ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करनी थी। जर्जर हाई टेंशन तारों को बदलकर एबीसी केबल से सप्लाई देनी थी। 2017 में इसका कार्य भी प्रारम्भ हुआ कई जगह एबीसी केबल लगाए गए तो कई जगह ट्रांसफार्मर भी लगे लेकिन आगे चलकर यह योजना भ्रष्टाचार की शिकार हो गई।
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हमारी जानकारी में ऐसी सूचना नहीं है अगर ऐसा है तो इसकी जांच तत्काल करवाई जाएगी। - दुर्गविजय सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय