फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Three thousand families did not get golden card

तीन हजार परिवार को नहीं मिला गोल्डेन कार्ड

Wed, 04 Aug 2021 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
Three thousand families did not get golden card
मऊ। जिले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण आयुष्मान भारत योजना को लेकर जनपद का स्वास्थ्य महकमा गंभीर नहीं दिख रहा है। योजना के शुरू हुए दो वर्ष बाद भी अभी तक ‘गोल्डेन कार्ड’ के लिए लाभार्थी भटक रहे हैं। हालात यह है कि पंजीकृत एक लाख 23 हजार परिवार के सदस्यों का गोल्डेन कार्ड के सापेक्ष एक लाख परिवार 20 हजार लाभार्थी का ही गोल्डेन कार्ड बन सका है। हालांकि वर्तमान में गोल्डेन कार्ड बनाने को लेकर बीते 26 जुलाई से गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले में आयुष्मान योजना का शुभारंभ सितंबर 2018 से हुई है। इसके तहत 25 लाख की आबादी में एक लाख 23,282 परिवार पंजीकृत है। नियमानुसार आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत परिवारों के सभी सदस्यों के पास गोल्डेन कार्ड होना चाहिए। बावजूद दो वर्ष से अधिक समय बीतने केे बाद केवल एक लाख 20 हजार 936 लोगों का ही गोल्डेन कार्ड बन पाया।
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों की माने तो विभाग एक परिवार में कम से कम पांच सदस्यों की गणना के अनुसार करीब सात लाख लोगों को गोल्डेन कार्ड बनवाना है। पंजीकृत परिवार एक लाख 23 हजार 282 परिवारों में से तीन हजार परिवार अब भी गोल्डेन कार्ड पाने से दूर हैं। इससे लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के लाभ से उन्हें वंचित होना पड़ रहा है। दूसरी तरफ विभाग का दावा है कि बीते 26 जुलाई से जिले में मेगा कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाने की कवायद जारी है। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि आयुष्मान योजना में पंजीकृत हर परिवार के सदस्यों के लिए गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक दिन हर ब्लाक के चार गांव में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

17 अस्पतालों में आयुष्मान का लाभ
मऊ। आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत लाभार्थियों के उपचार की सुविधा जिले के 17 अस्पतालों में है। इसमें नौ निजी तथा शेष सरकारी अस्पताल है। योजना में चिह्नित निजी अस्पतालों में शारदा नारायण, प्रकाश, आशीष, फातिमा, गुप्ता सर्जिकल अस्पताल, प्रेमा नेत्रालय, राहुल नर्सिंग, स्वास्तिक आई एंड डेंटल केयर तथा वंदना नर्सिग होम शामिल है। वहीं सरकारी अस्पताल में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, रतनपुरा, फतेहपुर मंडाव तथा बड़राव सीएचसी में उपचार की सुविधा है। अब तक इस योजना के तहत 3500 मरीज निशुल्क उपचार करा चुके है। इसमें 3231 मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार कराया है।

उपचार के लिए गोल्डेन कार्ड जरूरी
मऊ। उपचार कराने के लिए गोल्डेन कार्ड बनाना चाहिए। पंजीकृत परिवार के मुखिया के अलावा परिवार के सदस्यों को अलग से बनना है। इन दिनों कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभर्थी का प्रधानमंत्री का पत्र के साथ उसका पहचान पत्र जिसमें मतदान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पत्र लेकर आना अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed