फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Three harvesting projects worth 868.34 lakhs hanging in the balance

अधर में लटका 868.34 लाख के तीन कटान प्रोजेक्ट

Wed, 28 Jul 2021 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
Three harvesting projects worth 868.34 lakhs hanging in the balance
मऊ। जिले में प्रतिवर्ष घाघरा के कहर बरपाने से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन होती है। जलजमाव से हजारों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद होती है। बाढ़ से बचाव तथा कटान से बचाने के लिए 868.34 लाख की लागत से तीन कटान प्रोजेक्ट पर कार्य तो चल रहा है, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं किया जा सका है। नदी में आई बाढ़ से किसानों को भूमिहीन होने तथा कटान पीड़ितों को बेघर होने की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन

शासन प्रशासन के तमाम दिशा निर्देश के बाद भी विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। बरसात के दिनों में घाघरा प्रतिवर्ष दोहरीघाट तथा मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में व्यापक पैमाने पर तबाही मचाती है। दोहरीघाट क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से प्रतिवर्ष हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद होती है। किसानों को मुआवजा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है।
विज्ञापन

घाघरा में आई बाढ़ तथा कटान रोकने के लिए दोहरीघाट कस्बा में घाघरा नदी के दाएं तट पर स्थित दोहरीघाट मुक्तिधाम के 0.350 से 0.950 के माध्यम स्टोन बोल्डर टीथ कटर एवं आरसीसी पर क्यू पाइन कटर के निर्माण कार्य की परियोजना शुरू हुई। अभी तक 62 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। जबकि बरसात शुरू होने के पूर्व ही पूरा हो जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी क्रम मेें रसूलपुर में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से 23 करोड़ की लागत से प्राजेक्ट शुरू किया गया लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका है। जबकि वर्ष जून 2021 में पूरा हो जाना था। अभी 82 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। मधुबन तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया सहित आसपास के गांवों को कटान से बचाने के लिए एक वर्ष पूर्व 12.34 करोड़ की लागत से नदी की धारा मोड़ने के लिए निर्माण कार्य डाईवर्जन चैनलाइजेशन कार्य शुरू किया गया। जून 2021 तक कार्य पूरा होना था। अभी निर्माण कार्य ठप है। प्रभारी मंत्री ने गत जून माह में दौरे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका।

इस संबंध में कटान पीड़ित महेंद्र प्रसाद, रामानंद यादव, संजय प्रसाद का कहना था कि घाघरा प्रतिवर्ष दोहरीघाट तथा मधुबन क्षेत्र में तबाही मचाती है, लेकिन शासन प्रशासन की तरफ से करोड़ों की लागत से शुरू किए गए प्रोजेक्ट को समय सीमा के अंदर पूरा नहीं किया जा सका है। बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान नहीं ढूंढा जा सका है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ जाने से निर्माण कार्य बंद चल रहा है। नदी के सामान्य होते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed