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‘ये दिन खुशी का आया, जन्मा रे जन्मा मसीहा
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मऊ। नगर स्थित फातिमा अस्पताल कैंपस में बृहस्पतिवार को देर शाम क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ईसाई धर्मावलंबियों ने प्रभु यीशु की जयंती से संबंधित आकर्षक झांकी पेश किया। साथ ही आकर्षक प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर फातिमा अस्पताल के कोरोना योद्धाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया।
फातिमा अस्पताल कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में ईसाई धर्मावलंबियों नाटक, नृत्य और गाने की प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि प्रभु यीशु का जन्म बेतलहेम में दो हजार वर्ष एक चरनी में हुआ था। प्रभु यीशु प्रेम, दया, करुणा और शांति का संदेश लेकर आए थे। ‘ये दिन खुशी का आया, जन्मा रे जन्मा मसीहा, बेतलहेम के तारे’, जिंगल बेल आदि नृत्य भी पेश किया।
इस मौके पर डॉ. जूड ने कहा कि दुनिया के लोगों में दया करुणा, त्याग और मानवता के प्रति समर्पण की भावना को बल देना चाहिए। साथ ही प्रभु यीशु के सिद्घांतों को अपनाते हुए दूसरों की मदद की जानी चाहिए। क्योंकि प्रेम, दया, शांति, क्षमा मनुष्य के जीवन के अभिन्न अंग हैं। अंत में बच्चों को केक बांटा गया। इस अवसर पर डॉ. ओपी सिंह, डॉ. अजय कुुमार, डॉ. रितेश अग्रवाल शामिल रहे।
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फातिमा अस्पताल कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में ईसाई धर्मावलंबियों नाटक, नृत्य और गाने की प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि प्रभु यीशु का जन्म बेतलहेम में दो हजार वर्ष एक चरनी में हुआ था। प्रभु यीशु प्रेम, दया, करुणा और शांति का संदेश लेकर आए थे। ‘ये दिन खुशी का आया, जन्मा रे जन्मा मसीहा, बेतलहेम के तारे’, जिंगल बेल आदि नृत्य भी पेश किया।
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इस मौके पर डॉ. जूड ने कहा कि दुनिया के लोगों में दया करुणा, त्याग और मानवता के प्रति समर्पण की भावना को बल देना चाहिए। साथ ही प्रभु यीशु के सिद्घांतों को अपनाते हुए दूसरों की मदद की जानी चाहिए। क्योंकि प्रेम, दया, शांति, क्षमा मनुष्य के जीवन के अभिन्न अंग हैं। अंत में बच्चों को केक बांटा गया। इस अवसर पर डॉ. ओपी सिंह, डॉ. अजय कुुमार, डॉ. रितेश अग्रवाल शामिल रहे।
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