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तीन साल पहले भी हो चुका है धर्म परिवर्तन का प्रयास

Tue, 12 Oct 2021 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:03 AM IST
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There has been an attempt to change religion even three years ago.
मऊ। जनपद में इससे पूर्व भी ईसाई लोगों द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया है। चिरैयाकोट थाने के चंद्रावती गांव में लगभग तीन साल पूर्व तीन लोगों द्वारा इसाई धर्म में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया था जबकि एक आरोपी फरार हो गया था।
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इधर शहर कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज के पास एक व्यक्ति के आवास में धर्मांतरण का प्रयास करने वालों में एक स्कूल के प्रिंसिपल के शामिल होने से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में चिंता है। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के गांव चंद्रावती के एक मकान में बैठकर चार नवंबर 2018 को तीन इसाई धर्मप्रचारकों द्वारा गांव के लोगों को हिंदू से इसाई धर्म में शामिल कराने के उद्देश्य से संबंधित पुस्तकें वितरित कर रहे थे। इसी बीच भनक लग जाने पर किसी ने इसकी सूचना 100 नंबर डायल कर पुलिस को दे दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो को तो दौड़ाकर पकड़ लिया लेकिन मौके से एक फरार हो गया।
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इसी थाने के एक गांव की वनवासी बस्ती में एक किशोरी की मौत के बाद ईसाई धर्म के कुछ प्रचारक शव के पास प्रार्थनाएं कर रहे थे। धर्मप्रचारकों का कहना था कि ईसा मसीह की प्रार्थना करने से यह बच्ची जीवित हो उठेगी। तीन दिन तक लाश घर में रखकर ईसाई धर्म से संबंधित पुस्तकों से प्रार्थना करते रहने की जानकारी जब गांव के अन्य लोगों को हुई तो पुलिस को सूचना दिए।
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तत्कालीन थानाध्यक्ष विनोद तिवारी ने मौके पर पहुंचकर किशोरी के शव का अंतिम संस्कार कराया। इस मामले में पुलिस ने जौनपुर निवासी एक धर्म प्रचारक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इधर शहर के रोडवेज के पास रविवार को एक व्यक्ति के घर में धर्मांतरण के प्रयास में शामिल इंदारा के एक मिशनरी स्कूल के प्रिंसिपल और उसकी पत्नी की सक्रियता जानकर मिशनरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में चिंता हो गई। उनका कहना था कि एक शिक्षण संस्था का प्रधान कैसी धर्मांतरण जैसे कानून विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। संबंधित स्कूल के प्रबंध तंत्र को इसकी सूचना देकर ऐसे प्रिंसिपल को हटाने अथवा स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
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