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कटान तेज होने से खतरे में है गांव का अस्तित्व
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दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर घटते ही मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर गांव के बिंटोलिया पुरवा में कटान तेज हो गई है। कई घर नदी में विलीन हो गये हैं। इससे वहां के लोगों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों की शिकायत है कि प्रशासन की तरफ से कटान रोकने का उपाय नहीं किया गया। परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर गांव के बिंटोलिया पुरवा में सरयू नदी के कटान करने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। शुक्रवार की रात जीत बंधन, जगदंबा, हरिहर का मकान नदी में विलीन हो गया था। जबकि बहादुर, शीला, घनश्याम, रामसरीखा, मदन, रामप्रभा आदि का मकान नदी की जद में है।
कटान की गति तेज होने से पीडितों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। लोग जागकर रात बिता रहे हैं। गत वर्ष 50 घर और हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई थी। जबकि वर्षों से कटान समस्या को लेकर गांव के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
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शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रेजिंग डायवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के तहत छह किलोमीटर लंबा चौड़ा तीन मीटर गहरा करने के बाद भी कटान समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
इस संबंध में बहादुर, शीला, घनश्याम, रामसरीखा, मदन, रामप्रभा का कहना था कि एक-एक घर नदी में विलीन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय नहीं किया जा सका है।
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क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर गांव के बिंटोलिया पुरवा में सरयू नदी के कटान करने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। शुक्रवार की रात जीत बंधन, जगदंबा, हरिहर का मकान नदी में विलीन हो गया था। जबकि बहादुर, शीला, घनश्याम, रामसरीखा, मदन, रामप्रभा आदि का मकान नदी की जद में है।
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कटान की गति तेज होने से पीडितों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। लोग जागकर रात बिता रहे हैं। गत वर्ष 50 घर और हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई थी। जबकि वर्षों से कटान समस्या को लेकर गांव के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
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शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रेजिंग डायवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के तहत छह किलोमीटर लंबा चौड़ा तीन मीटर गहरा करने के बाद भी कटान समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
इस संबंध में बहादुर, शीला, घनश्याम, रामसरीखा, मदन, रामप्रभा का कहना था कि एक-एक घर नदी में विलीन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय नहीं किया जा सका है।