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Mau News: जलनिकासी शुरू होने से पहले ही टूट गई नाली और पटिया
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कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र के फोरलेन के किनारे बसी हुसैन बस्ती से चौहान बस्ती तक बनी नाली जलनिकासी से पहले ही टूटने लगी है। जगह जगह टूटकर पट्टियों का मलबा नाली में जमा हो गया है। निकासी न होने से गंदा पानी घरों के सामने ही इकट्ठा हो रहा है।
वर्ष 2021 में परिसीमन के बाद कोपागंज नगर पंचायत में जुड़े काछीकला गांव के हिस्से में हुसैन बस्ती से चौहान बस्ती तक पुरानी ईंट का खड़ंजा उखाड़कर नवंबर 2024 में डूडा द्वारा नाली और आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया।
नाली जगदीश यादव के घर से चौहान बस्ती होते हुए रामू राजभर के घर तक बनाई गई है। नाली निर्माण के दौरान ही रामकरण चौहान ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनियमितता की शिकायत की थी।
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पत्र में बताया था कि उखाड़कर रखी गई पुरानी ईंटों से ही नाली बनवाई जा रही है। पट्टियां ढालने के लिए बिना सरिया के लाल बालू की जगह सफेद बालू और कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पटिया रखने के बाद छोटे बच्चों के चढ़कर खेलने मात्र से ही पटिया टूटकर नाली में धंस गई है। मुहल्ले के सुनील, फूलमती, वकील अहमद, महेंद्र राम, प्रदीप राजभर आदि लोगों ने बताया कि नाली बनने से कोई फायदा नहीं है।
नाली का निर्माण भी अधूरा कराया गया है। इससे अब भी जलनिकासी की समस्या बनी है। बारिश होने पर घरों के सामने ही पोखरी बन जाता है।
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वर्ष 2021 में परिसीमन के बाद कोपागंज नगर पंचायत में जुड़े काछीकला गांव के हिस्से में हुसैन बस्ती से चौहान बस्ती तक पुरानी ईंट का खड़ंजा उखाड़कर नवंबर 2024 में डूडा द्वारा नाली और आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया।
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नाली जगदीश यादव के घर से चौहान बस्ती होते हुए रामू राजभर के घर तक बनाई गई है। नाली निर्माण के दौरान ही रामकरण चौहान ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनियमितता की शिकायत की थी।
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पत्र में बताया था कि उखाड़कर रखी गई पुरानी ईंटों से ही नाली बनवाई जा रही है। पट्टियां ढालने के लिए बिना सरिया के लाल बालू की जगह सफेद बालू और कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पटिया रखने के बाद छोटे बच्चों के चढ़कर खेलने मात्र से ही पटिया टूटकर नाली में धंस गई है। मुहल्ले के सुनील, फूलमती, वकील अहमद, महेंद्र राम, प्रदीप राजभर आदि लोगों ने बताया कि नाली बनने से कोई फायदा नहीं है।
नाली का निर्माण भी अधूरा कराया गया है। इससे अब भी जलनिकासी की समस्या बनी है। बारिश होने पर घरों के सामने ही पोखरी बन जाता है।