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Mau News: दो पंचायतों में पीएचसी बनाकर डॉक्टर की तैनाती करना भूला विभाग

Wed, 01 Apr 2026 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:57 PM IST
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The department forgot to establish PHCs in two panchayats and deploy doctors.
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुबारी।संवाद
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत दुबारी का आबादी करीब तीस हजार है। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते तीन वर्ष से डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। दोहरीघाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोठा में भी तीन साल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
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ऐसे में दो ग्राम पंचायतों की 50 हजार की आबादी को गंभीर बीमारी पर निजी अस्पतालों या जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इन जगहों पर संचालित क्लीनिक का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में नहीं है।
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मधुबन तहसील के दुबारी ग्राम पंचायत में 30 पुरवे हैं। इसमें करीब 15 हजार मतदाता हैं। पूरे पंचायत की आबादी करीब 35 हजार है। इस आबादी को बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं के लिए 2004 में दुबारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है।
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दो साल पहले यहां तैनात डॉ. इरशाद अहमद के स्थानांतरण के बाद अब तक यहां किसी दूसरे डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। वर्तमान में मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट उमेश वर्मा करते हैं। इस समय हर दिन की ओपीडी तीस से ज्यादा है। चिकित्सक की तैनाती होने से यहां मरीजों की संख्या बढ़ेगी।

यही स्थिति गोठा ग्राम पंचायत की है। दोहरीघाट ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम सभा गोठा, जिसकी स्वयं की आबादी 30 हजार के करीब है। इसके चारों तरफ फरसरा खुर्द, फरसरा बुजुर्ग, शाहपुर, पनईल, बेहटा, सियरही, मुरादपुर, बशरतपुर, टिकरी, गौतम नगर सहित दर्जनों गांव पड़ते हैं।

इसे देखते हुए यहां वर्ष 2006 में गोठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किया गया था। बीते दो वर्ष से यह अस्पताल बिना डॉक्टर के चल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अनिल कुमार उमर के स्थानांतरण के बाद यहां अब तक किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
ऐसे में यहां अस्पताल का संचालन फार्मासिस्ट संतोष यादव द्वारा किया जा रहा है। यहां की ओपीडी रोजाना 15 से 20 है। डॉक्टर की तैनाती के समय यह ओपीडी 40 से अधिक रहा करती थी।


इन अस्पतालों में डॉक्टरों के न होने पर मरीज केवल बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी होने पर ही यहां इलाज कराने पहुंचते हैं।
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पेयजल, बिजली की भी कोई व्यवस्था नहीं

गोठा पीएचसी के फार्मासिस्ट ने बताया कि यहां का सबमर्सिबल बीते कई माह से खराब है। ऐसे में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, लाइट कट जाने पर न ही जनरेटर है, न ही बैटरी। दोहरीघाट सीएचसी से दो बैटरी बीते वर्ष मिली थी, जो इस समय खराब चल रही है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से बारिश में पूरा परिसर तालाब बन जाता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इन दोनों पंचायतों में एक भी क्लीनिक पंजीकृत नहीं है, बावजूद दस से ज्यादा क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा है।
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